इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहने को विवश होना पड़ रहा है, बल्कि आपूर्ति ठप होने से फसलों की सिंचाई का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। विद्युत मोटर नहीं चलने से किसानों को डीजल चालित यंत्रों का सहारा लेकर फसलों की सिंचाई करनी पड़ रही है।
बताते चलें कि करीब 15 दिन पूर्व अजमेरी बादशाहपुर गांव में लगा 63 केवी का ट्रांसफार्मर अचानक फुंक गया था। उपभोक्ताओं का कहना है कि गांव में लगे 63 केवी के इस ट्रांसफार्मर से करीब पांच हजार आबादी को विद्युत आपूर्ति होती थी। लोड बढ़ने के बावजूद पावर कॉर्पोरेशन ने उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर नहीं लगवाया।
उपभोक्ता जयप्रकाश, राजेश, पवन, नगेंद्र प्रसाद, बृजबिहारी, अशोक आदि ने बताया कि ग्रामीणों को पावर कॉर्पोरेशन की उदासीनता का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। लंबे समय से ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग की जा रही थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
कहा कि ट्रांसफार्मर फुंकने से उन्हें न सिर्फ गर्मी से परेशान होना पड़ रहा है, बल्कि फसलों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से अविलंब ट्रांसफार्मर बदलवाने की मांग की है।