नहर का पानी खेतों से होता हुआ जब गांव के करीब तक पहुंचा तो ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई। ग्रामीणों ने तत्काल जिला प्रशासन व नहर विभाग को इसकी सूचना दी। सोमवार को ग्रामीणों के सहयोग से पूरे दिन नहर विभाग की टीम पटरी की मरम्मत में लगी रही। देर सायं तक मरम्मत का कार्य पूरा हो सका।
फूलपुर गांव में सोमवार सुबह पानी भरने लगा तो ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पता चला कि शारदा सहायक नहर की पटरी टूटने से खेतों से होता हुआ गांव में पानी भर रहा है। करीब छह फुट चौड़ाई में नहर की पटरी कटने से काफी तेजी से पानी गांव में भर रहा था। ये देखकर ग्रामीण हतप्रभ हो गए।
घटना की सूचना तत्काल ग्रामीणों ने दूरभाष से जिला प्रशासन व नहर विभाग को दी। कुछ देर बाद राहत टीम गांव पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से पटरी की मरम्मत शुरू की गई। मिट्टी से भरी बोरियां डालने से भी पानी का तेज बहाव रुक नहीं रहा था। काफी मशक्कत करके बांस-बल्लियां लगाकर मिट्टी की बोरियां रोककर पानी रोका गया। देर शाम तक पटरी की मरम्मत का कार्य पूरा हो सका।
नहर पटरी टूटने के पीछे ग्रामीण कुछ अराजक तत्वों की शरारत मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शरारती तत्वों ने ही पटरी तोड़ी है। इससे किसानों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। भुरुकुल गुप्त, लालता प्रसाद समेत कई किसानों की करीब सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई है। सींचपाल राममूरत यादव ने अहिरौली थाने में रवींद्र, अजय व बिपिन के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस मामले में छानबीन कर रही है।