अंबेडकरनगर। कृषि विज्ञान केंद्र पांती में रविवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान तकनीकी खेती, लागत नियंत्रण और उत्पादन वृद्धि से जुड़ी रणनीतियों को प्रस्तुत किया गया।
किसानों को क्षेत्रीय जलवायु, मृदा संरचना और फसल–वार वैज्ञानिक विधियों के आधार पर खेती के प्रभावी मॉड्यूल बताए गए। गोष्ठी का मुख्य फोकस फसल उत्पादन में वृद्धि के व्यावहारिक उपायों पर रहा। वैज्ञानिक डॉ शिवम ने बीज चयन, समयानुसार सिंचाई, मृदा परीक्षण और जैविक तत्वों के समावेश को केंद्र में रखकर आधुनिक इनपुट संरचना को साझा किया। प्रत्येक बिंदु को स्थानीय भूगोल और जलवायु को ध्यान में रखकर किसानों के समक्ष रखा गया। सुझावों में मृदा अनुसार फसल चयन और कीट नियंत्रण के वैज्ञानिक विकल्पों को प्राथमिकता दी गई। एप आधारित खेती निगरानी, रिमोट सेंसिंग डेटा और वेदर लिंक्ड सलाह प्रणाली पर भी जानकारी दी गई। किसानों को बताए गए कि वे मोबाइल एप से बुवाई सिंचाई उर्वरक चक्र का पूर्वानुमान प्राप्त कर सकते हैं। संवाद