अंबेडकरनगर। अगर उद्योग चलाना है, तो क्या चौकी इंचार्ज जैसे लोगों की अनैतिक मांग पूरी करनी होगी। यह सवाल सोशल मीडिया पर एक जनपद एक उत्पाद योजना से जुड़े उद्योगपति पार्थ धागा कंपनी के निदेशक अंकित पांडेय ने किया है। खुद को धमकी देने के मामले में पुलिस प्रशासन पर चौकी इंचार्ज को बचाने का आरोप लगाते हुए अंकित ने कहा कि रवैया अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
अंकित ने बताया कि एक माह पहले मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी ने उनकी फैक्टरी पहुंचकर अभद्र आचरण किया था। मौके पर वह नहीं थे। बिना किसी मामले या लिखित शिकायत के फैक्टरी पर पहुंचकर उन्होंने मेरे बारे में अपशब्द बोला। फैक्टरी कर्मियों के सामने धमकी भी दी। इसका वीडियो सौंपा गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
अंकित ने प्रशासन पर मनमानी करने वाले चौकी प्रभारी को बचाने का आरोप लगाया। कहा कि एक तरफ शासन उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है, तो दूसरी तरफ पुलिस कर्मियों द्वारा उगाही के लिए धमकाया जा रहा है।
नाराज अंकित ने बृहस्पतिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि चौकी इंचार्ज ने सिर्फ इसलिए धमकाया और अभद्र भाषा बोला जिससे उनसे मिलकर उनकी इच्छा पूरी कर सकूं। साक्ष्य समेत लिखित शिकायत की। लंबी जांच हुई। जांच रिपोर्ट भी दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि प्रकरण काफी पुराना है। इसमें तो जांच के बाद दरोगा को चेतावनी जारी की जा चुकी है। मैने सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट नहीं देखा है।