टांडा। टांडा ब्लॉक प्रमुख पद के नामांकन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के हाथ से ब्लॉक प्रमुख पद के निर्दल प्रत्याशी सुरजीत वर्मा का दो सेट नामांकन पत्र छीनकर फाड़ दिया। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हालात को देखते हुए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भाजपा कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया। बाद में सुरजीत का चार सेट में नामांकन पत्र दाखिल कराया गया। स्थिति को संभालने के लिए डीएम व एसपी भी मौके पर पहुंचे और सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी तरह से हालात को नियंत्रित किया। क्योंकि पूर्व मंत्री के साथ अभद्रता होने की खबर मिलते ही बड़ी तादाद में उनके समर्थक मौके की तरफ रवाना होने लगे थे।
पूर्व मंत्री लालजी वर्मा जब अपने करीबी सुरजीत का नामांकन कराने जा रहे थे, तभी उनके हाथ से एक सेट पर्चे भाजपा कार्यकर्ताओं ने छीन लिए। आरोप बीजेपी प्रत्याशी तेजस्वी जायसवाल और उनके सहयोगियों पर लगा। तेजस्वी को भाजपा विधायक संजू देवी का नजदीकी माना जाता है।
बताया जाता है कि पूर्व मंत्री के हाथ से पर्चा छीनकर फाड़ दिया गया। पूर्व मंत्री के साथ धक्कामुक्की भी की गई। इसमें वह लड़खड़ा भी गए। पूर्व मंत्री के सहयोगियों ने मोर्चा संभाला, लेकिन बीजेपी कार्यकर्ता मनमानी पर उतारू थे। अधिकारियों ने तत्काल बल प्रयोग कर भाजपा कार्यकर्ताओं को वहां से हटाया। इसके साथ ही पूर्व मंत्री के जो सहयोगी भाजपा कार्यकर्ताओं को सबक सिखाने पर आमादा थे, उन्हें भी हटाया।
इसी बीच पूर्व मंत्री के साथ अभद्रता की खबर मिलते ही बड़ी तादाद में दूरदराज के क्षेत्रों से उनके समर्थक मौके पर पहुंचने लगे। इसी बीच हालात बिगड़ने से बचाने के लिए कुछ ही देर में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन व पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी टांडा पहुंच गए। उन्होंने ब्लॉक मुख्यालय से कुछ दूरी पर बैठे पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के पास जाकर उनसे वार्ता की। कहा कि फटे हुए पर्चों को भी व्यवस्थित कर शामिल करने का मौका दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं होने दी जाएगी।
पूर्व मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि टांडा में इस तरह की घटना पहली बार हुई है। हमें यदि इस तरह की गुंडागर्दी का एहसास होता तो हम भी पूरी तैयारी से आते। इसी बीच पूर्व मंत्री की पुत्री व जलालपुर से विधानसभा की प्रत्याशी रहीं डॉ. छाया वर्मा भी पहुंच गईं। डीएम व एसपी ने पूर्व मंत्री से बात कर उनको शांत कराया और कहा कि सुरजीत का पर्चा आसानी से नियमानुसार जमा करवाया जाएगा। इसके बाद प्रशासन ने आसपास की दुकानों को बंद करवाकर वहां पीएसी तैनात कर दी।
डीएम व एसपी काफी देर तक टांडा में डटे रहे। ऐसा इसलिए जिससे किसी भी तरह की कोई नयी अप्रिय स्थिति न उत्पन्न होने पाए। उधर, तेजस्वी का कहना है कि पर्चा छीनने जैसी कोई बात ही नहीं थी। उन पर तथा बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। बाद में एसडीएम अभिषेक पाठक ने बताया कि सभी चार पर्चों को नामांकन में शामिल किया गया। इनमें से एक पर्चा जांच में खारिज कर दिया गया, जबकि तीन वैध पाए गए।