अंबेडकरनगर। जिले में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को संक्रमण से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। गेहूं की कटाई के समय खेतों और घरों में चूहों व छछूंदरों का प्रकोप बढ़ जाता है जिससे स्क्रब टाइफस जैसे संक्रामक रोग फैलने का खतरा रहता है।
कृषि विभाग ने न्याय पंचायत स्तर पर छह दिवसीय चूहा एवं छछूंदर नियंत्रण अभियान शुरू किया है। इसके तहत प्रशिक्षण, प्रदर्शन और जागरूकता बैठकों के माध्यम से किसानों को बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि चूहों को नियंत्रित करने के लिए पहले दिन खेतों व घरों में बिलों की पहचान कर उन्हें बंद कर चिह्नित करें। दूसरे और तीसरे दिन निरीक्षण कर चारा रखें। चौथे दिन जिंक फास्फाइड या अन्य दवाओं का प्रयोग कर नियंत्रण किया जाए। पांचवें दिन मृत चूहों को जमीन में दबा दें और छठे दिन बिलों को पुनः बंद कर दें। आवश्यकता होने पर प्रक्रिया दोहराई जा सकती है।