जिले में रविवार को अचानक आई तेज आंधी के बीच कहीं हल्की व तेज बारिश ने तेजी से चल रही गेहूं की मड़ाई के काम पर ब्रेक लगा दिया। ओला गिरने से कुछ क्षेत्रों में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ। अचानक बदले मौसम के मिजाज ने गेहूं किसानों की चिंता बढ़ा दी।
उधर तेज आंधी के चलते जिले के कई क्षेत्रों में जहां दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए, वहीं दो दर्जन से अधिक छप्पर व टीन शेड उखड़ गए। इसके चलते जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी बाधित हुई। भीषण गर्मी के बीच रविवार सुबह अचानक मौसम के मिजाज में परिवर्तन आ गया।
आसमान पर काले बादल उमड़ने लगे। यह देख गेहूं की मड़ाई कर रहे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उत्पन्न हो गई। जिन किसानों की गेहूं की फसल मड़ाई के लिए खेत व खलिहानों में थी, वे उसे पानी से भीगने से बचाने की जुगत में लगे रहे। इसी बीच तेज आंधी चलने लगी।
रविवार को आई आंधी, बारिश व ओलावृष्ट से जिले में लगभग 17 हजार हेक्टेअर गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। हालांकि इससे बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। गौरतलब है कि जिले को गेहूं की बुआई मामले में अग्रणी जिले के रूप में माना जाता है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के 7 लाख से अधिक किसानों द्वारा 1 लाख 12 हजार 237 हेक्टेअर में गेहूं की बुआई की गई थी। लगभग 13 प्रतिशत फसल की कटाई व 2 प्रतिशत खलिहानों व खेतों में कटी फसल की मड़ाई अब तक नहीं हो सकी है। उपकृषि निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि बारिश व ओलावृष्ट से फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
किसानों को लगा कि आंधी के बीच बादल उड़ जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आसमान में छाए बादल इस बीच बरस पड़े। कहीं तेज, तो कहीं हल्की बारिश हुई। इसके साथ ही जिले के कई क्षेत्रों में ओले भी गिरे। तेज आंधी व ओला गिरने से जो किसान गेहूं की कटाई नहीं कर सके थे, उनकी फसल प्रभावित हुई।
इसके अलावा मड़ाई के लिए खेतों व खलिहानों में रखी फसल बारिश व ओला गिरने से भीग गई। नतीजा यह हुआ कि मड़ाई का कार्य पूरी तरह ठप हो गया। ओला गिरने के चलते लोगों में तेज बारिश की आशंका हुई।
उधर आंधी के चलते भीटी, जलालपुर, आलापुर व टांडा तहसील क्षेत्रों में जगह जगह एक दर्जन से अधिक पेड़ धराशायी हो गए, तो दो दर्जन से अधिक छप्पर व टीन शेड उड़ गए। इसके अलावा कहीं जर्जर तार टूट गए, तो कहीं विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए।
नतीजा यह हुआ जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। जिला मुख्यालय पर तो फिर भी दोपहर होते होते गड़बड़ी ठीक कर आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन कई ग्रामीण क्षेत्रों में देर शाम तक आपूर्ति पूरी तरह सुचारु नहीं हो सकी थी।
अकबरपुर के गेहूं किसान रामफेर ने कहा कि बारिश व ओलावृष्ट तथा पुरवा हवा चलने से मड़ाई का कार्य बाधित हो गया है। फसल के भीग जाने पर अब एक दो दिन मड़ाई का कार्य नहीं हो सकेगा।
इल्तिफातगंज के राधेश्याम व जगदीश ने कहा कि मड़ाई के लिए खलिहान में फसल रखी गई थी। बारिश के चलते भीग गई। अब तेज धूप निकलने व फसल के सूखने के बाद ही मड़ाई का कार्य हो सकेगा।
महरुआ क्षेत्र के किसान लालजी ने कहा कि वे अभी दो बीघा खेत में लगी फसल की कटाई नहीं कर सके थे। तेज हवा, बारिश व ओला गिरने से फसल खेत में धराशायी हो गई।