इसके बाद पहुची कई थानों की पुलिस ने लोगों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। आरोप है कि थाने लाए जाने के बाद यहां भी पूर्वमंत्री के पुत्र की पिटाई की गई। विकास के अलावा 21 अन्य लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सोमवार सुबह सबको कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में किया गया।
जानकारी के अनुसार टीएनपीजी कॉलेज टांडा में चल रही पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान रविवार देर रात पूर्वमंत्री लालजी वर्मा के पुत्र विकास वर्मा मतगणना स्थल पर पहुंच गए। यहां अंदर प्रवेश करने को लेकर उनका टांडा कोतवाली के प्रभारी ओमप्रकाश यादव से विवाद हो गया।
वे जिला पंचायत अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य पद की प्रत्याशी शोभावती वर्मा के मतगणना अभिकर्ता के तौर पर नियुक्त थे। विकास शोभावती वर्मा के पुत्र भी हैं। विवाद के बाद उस पुलिसकर्मियों ने विकास को अंदर नहीं जाने दिया। कुछ देर बाद विकास ने आधी रात को एक बार फिर से मतगणना स्थल पर प्रवेश का प्रयास किया। इस बार भी पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया।
वे मतगणना अभिकर्ता होने का हवाला देते हुए अंदर जाने की कोशिश करने लगे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद समर्थकों ने हंगामा कर दिया। इसी बीच टांडा कोतवाली प्रभारी ने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ विकास की पिटाई शुरू कर दी।
यह देखते ही वहां मौजूद बसपा कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरूकर दिया। स्थिति बिगड़ते देख उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। पथराव में सीओ टांडा वजीर अहमद समेत कुल चार पुलिसकर्मी चोटहिल हो गए।
लोगों का आक्रोश देख एक बार तो पुलिस बैकफुट पर आ गई लेकिन बाद में कई अन्य थानों की पुलिस पहुंच गई। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने लोगों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। पुलिस ने इस बीच विकास के अलावा 21 अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार लोगों को इसके बाद थाने लाया गया।
आरोप है कि यहां भी सभी की पिटाई की गई। इसी बीच प्रकरण की खबर मिलते ही पूर्वमंत्री लालजी वर्मा अपनी पत्नी शोभावती के साथ टांडा कोतवाली पहुंच गए और वहां डेरा डाल दिया। आक्रोशित बसपा कार्यकर्ताओं के टांडा कोतवाली भी पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। दूरदराज के क्षेत्रों से भी लोग वहां आने लगे।
स्थिति बिगड़ते देख टांडा कोतवाली के निकट सुरक्षा का घेरा और सख्त कर दिया गया। देररात एसपी रोहन पी कनय ने एडीएम रामसूरत पांडेय व एएसपी पंकज पांडेय के साथ घटना स्थल का जायजा लिया। रात में ही पुलिस ने कोतवाली प्रभारी ओपी यादव की तरफ से विकास समेत सभी 22 लोगों के विरुद्ध जानलेवा हमले समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
इसमें पुलिस पर असलहे से फायरिंग का भी उल्लेख किया गया है। इसके बाद सोमवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में सभी आरोपियों को जिला मुख्यालय लाया गया, जहां न्यायालय में पेश कर उन्हें मंडल कारागार फैजाबाद भेज दिया गया। एसपी रोहन पी कनय ने बताया कि मतगणना स्थल पर कुछ लोग हंगामे का प्रयास कर रहे थे।