रिटायर फौजी इंद्र सिंह को साल में तीन से चार बार सर्पदंश की पीड़ा झेलनी पड़ती थी। यह सिलसिला 1991 से शुरू हुआ और 2010 तक चला। वर्ष 1991 में पहली बार इंद्रसिंह को ड्यूटी के दौरान सांप ने डसा। इसके बाद यूपी, पुंछ, राजौरी और किन्नौर समेत कई जगहों पर ड्यूटी के दौरान उन्हें सर्प दंश झेलना पड़ा। मगर हर बार इंद्रसिंह की जान बचती रही।
अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक वृद्ध समेत तीन लोग सर्पदंश के शिकार हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, वृद्ध की हालत गंभीर बनी हुई है। थाना क्षेत्र सम्मनपुर अंतर्गत अशरफपुर गांव निवासी राजाराम (70) पुत्र गिरिजाशंकर को रविवार सुबह खेत जाते समय सांप ने डस लिया। परिवारीजनों ने उनका पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया लेकिन तबियत में सुधार नहीं हुआ।
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इस पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, बसखारी थाना अंतर्गत मसड़ा मोहनपुर गांव निवासी लालजी (35) पुत्र झुरई रविवार सुबह खेत में काम करने के दौरान सर्पदंश का शिकार हो गया। उसे पहले सीएचसी बसखारी फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उधर, टांडा थाना अंतर्गत रामपुर गांव निवासिनी ललिता (40) पत्नी बृजेश को रविवार सुबह उस समय सांप ने डस लिया, जब वह घर की साफ-सफाई कर रही थी। परिवारीजनों ने उसे पहले सीएचसी टांडा फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।