राजप्रताप सिंह
सद्दरपुर (अंबेडकरनगर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के आसपास के गांव के परिवारों की सेहत का ख्याल अब मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले एमबीबीएस छात्र-छात्राएं (मेडिकोज) करेंगे। फैमिली अडॉप्शन प्रोग्राम के तहत तीन सौ मेडिकोज तीन से पांच परिवारों को गोद लेकर न सिर्फ शिविर के माध्यम से जांच करेंगे, बल्कि उनका बेहतर इलाज भी सुनिश्चित करेंगे। शुक्रवार से योजना के तहत मेडिकोज ने गोद लिए परिवारों की जांच भी शुरू कर दी।
नेशनल मेडिकल कमीशन व क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने बीते दिनों मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले एमबीबीएस विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के लिए नई योजना की शुरुआत की। फैमिली अडॉप्शन प्रोग्राम के तहत प्रत्येक एमबीबीएस विद्यार्थियों को न सिर्फ तीन से पांच परिवार को गोद लेना होगा, बल्कि जांच के साथ ही उनका समुचित इलाज भी करना होगा।
मालूम हो कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीट हैं। ऐसे में वर्ष 2021, 2022 व 2023 वर्ष के तीन सौ विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज के आसपास के गांव के परिवारों को गोद लेना है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार संबंधित मेडिकोज ने न सिर्फ गोद लेना शुरू कर दिया, बल्कि शिविर के माध्यम से जांच व उपचार भी शुरू कर दिया।
विद्यार्थियों के साथ ग्रामीणों को भी होगा लाभ
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. उमेश वर्मा ने बताया कि योजना का लाभ न सिर्फ मेडिकोज बल्कि उन परिवारों को भी मिलेगा जिन्हें गोद लिया गया। मेडिकोज को पढ़ाई के साथ-साथ अब हेल्थ कैंप में जांच करने व उसके आधार पर मरीजों का बेहतर इलाज करने का प्रशिक्षण भी मिलेगा। यह उनके भविष्य के लिए काफी अच्छा होगा।
सूरापुर में कैंप लगाकर की गई जांच
योजना के तहत बीपी, शुगर, खून की कमी समेत कई अन्य प्रकार की बीमारियों की जांच शिविर में गोद लिए गए परिवार की होगी। शुक्रवार को सूरापुर में कैंप लगाकर कुछ छात्र-छात्राओं ने गोद लिए परिवार की जांच की। - डॉ. आभास कुमार सिंह, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज