हंसवर। जिले का गठन होने के 15 साल साल बाद भी 50 गांवों की बसों से कनेक्टिविटी अब तक नहीं हो पाई। अकबरपुर डिपो की कोई बस नहीं चली है। गांवों के लोग आज भी रोडवेज बस सेवा के लिए तरस रहे हैं।
इसमें ज्यादातर बसखारी ब्लॉक के हंसवर, भूलेपुर, बरही, हरसमहार, हीरापुर, सोनहन, तिलकारपुर, नौरहनी रामपुर और सेमरा नसीरपुर जैसे गांव प्रभावित हैं। टांडा ब्लॉक में बेलदहा, मुबारकपुर, डुहिया और तिवारी चौराहा जैसे गांव भी रोडवेज बस सेवा से वंचित हैं। रामनगर के पिपरा, मूसेपुर, मकरही और दुमदुमा जैसे गांवों में भी पिछले कई सालों से रोडवेज बसें नहीं आई हैं। टांडा विधायक राममूर्ति वर्मा ने क्षेत्रीय लोागों की मांग पर जल्द ही चलाने के लिए ज्ञापन दिया जाएगा।
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क्षेत्रीय लोगों की मांग
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महंगा सफर, निजी बसों का किराया बना बोझ
नारायनपुर प्रीतमपुर निवासी शोएब अहमद ने बताया कि लखनऊ में रहने वाले अपने बच्चों से मिलने के लिए हर हफ्ते निजी बसों का महंगा किराया चुकाना पड़ रहा है। इससे परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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शहरों तक पहुंचने में परेशानी
नसीराबाद निवासी विक्रम का कहना है कि रोडवेज बसों का संचालन नहीं होता है। यात्रियों को अयोध्या और लखनऊ जैसे महत्वपूर्ण शहरों तक पहुंचने में परेशानी होती है। निजी बस संचालक इस स्थिति का फायदा उठा रहे हैं।