अंबेडकरनगर। पंचायत चुनाव में इस बार युवाओं का सर्वाधिक दबदबा देखने को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि आरक्षण सूची फाइनल होते ही बड़ी तादाद में युवा दावेदार चुनाव मैदान में कूद पड़े हैं। युवाओं के बीच सर्वाधिक उत्साह ग्राम प्रधान व जिला पंचायत सदस्य पद को लेकर देखने को मिल रहा है। युवा दावेदारों ने घर-घर संपर्क अभियान शुरू कर दिया है। चुनाव प्रचार में उनके साथ युवाओं की टोली भी बाकायदा भ्रमण कर रही है। कोशिश यह है कि ज्यादा से ज्यादा जनसमर्थन समय रहते हासिल किया जा सके। क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए भी कई जगह युवाओं ने तैयारी कर रखी है, लेकिन सर्वाधिक जोश प्रधान व जिला पंचायत सदस्य पद के लिए ही है।
लंबे समय से पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे युवाओं ने अब समय आने पर पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया है। उन्हें इंतजार सिर्फ आरक्षण सूची का था। अलग-अलग पदों के लिए सीट वार आरक्षण की सूची फाइनल होते ही युवाओं ने पूरी ताकत झोंक दी है। युवाओं के बीच ग्राम प्रधान व जिला पंचायत सदस्य पद को लेकर सर्वाधिक उत्साह है। गांव-गांव इन दोनों पदों के लिए युवा दावेदार बहुतायत हो गए हैं। बाकायदा बैनर पोस्टर व होर्डिंग के जरिए अपनी-अपनी दावेदारी को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। इन दावेदारों में ऐसे युवा शामिल हैं, जो अलग-अलग राजनीतिक दलों से संबद्ध हैं, तो ऐसे युवा दावेदारों की भी कमी नहीं है, जो तटस्थ हैं।
ग्राम प्रधान पद के लिए तो राजनीतिक दल अपना सिंबल नहीं देते हैं, लेकिन जिला पंचायत सदस्य पद के लिए पार्टियां समर्थन व सिंबल की घोषणा करती है। इसके बावजूद इससे बेपरवाह होकर राजनीतिक दलों से संबद्ध युवाओं ने भी टिकट या समर्थन फाइनल होने का इंतजार किए बगैर चुनाव मैदान में कूदने का निर्णय कर लिया।
नतीजा यह है कि सभी नौ विकास खंड क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में युवा दावेदारों की फौज दिखने लगी है। ऐसे युवा दावेदार सुबह होते ही घर से निकल जाते हैं। युवाओं की टोली के साथ वे ज्यादा से ज्यादा संपर्क साधने में जुटे हैं।
पार्टी लाइन से हटकर ले सकते निर्णय
पंचायत चुनाव में नामांकन से पहले ही जिस तरह युवा दावेदार चुनाव मैदान में कूद पड़े हैं, उससे स्पष्ट संकेत यह भी है कि विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े तमाम युवा दावेदार पार्टी लाइन से अलग हटकर भी चुनाव मैदान में बने रह सकते हैं। दरअसल कई जगहों पर एक ही सीट पर एक दल से कई-कई दावेदार सामने हैं। यह स्थिति जिला पंचायत सदस्य पद को लेकर है। प्रमुख पार्टियों ने अपने पत्ते अभी भले ही नहीं खोले हैं, लेकिन युवाओं ने अपना पूरा जोर लगा दिया है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि कई सीटों पर युवा दावेदार पार्टी लाइन से हटकर भी चुनाव मैदान में बने रह सकते हैं।