अंबेडकरनगर। अक्षय तृतीया पर्व की चमक इस बार जिले में देखने को मिलेगी। कोरोना प्रतिबंधों की समाप्ति के बाद पर्व को लेकर महिलाओं में उत्साह का माहौल है। पर्व के दिन आभूषण की खरीदारी को लेकर महिलाओं के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे न सिर्फ ऑनलाइन आकर्षक डिजाइन को सर्च कर रही हैं, बल्कि सराफा दुकानों पर पहुंचकर मनपसंद डिजाइन के आभूषण का भी आर्डर दे रही हैं। महिलाओं के आभूषण के प्रति रुझान के अनुसार दुकानदारों ने मुंबई, राजकोट व बनारस से आकर्षक व अलग अलग दाम के आभूषण मंगा लिए हैं।
अक्षय तृतीया पर्व को लेकर दो दिन पहले से उल्लास का माहौल है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन आभूषण व मकान खरीदने के साथ ही विवाह करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा अर्चना भी की जाती है। पर्व के मौके पर आभूषण की बिक्री अधिक होने की संभावना को देखते हुए सराफा दुकानदारों द्वारा आकर्षक डिजाइन के सोने व चांदी के आभूषण मंगा लिये गये हैं। दुकानदारों को उम्मीद है कि इस बार सराफा बाजार अक्षय तृतीया के दिन चमकेगा। कारण यह कि कोरोना संकट के चलते बीते दो वर्षों में सामान्य ढंग से मनाया गया था। इस बीच अब इस बार आभूषण की बढ़ चढ़कर खरीदारी होने की संभावना को देखते हुए सराफा दुकानदारों ने विशेष तैयारियां कर रखी हैं।
महिलाओं के रूझान को देखते हुए न सिर्फ आकर्षक, बल्कि अलग अलग दाम के आभूषण मंगाए गए हैं। अकबरपुर नगर के युवा सराफा व्यवसायी पीयूष सेठ ने बताया कि अक्षय तृृतीया में महिलाओं को बेहतर डिजाइन मिल सके, इसलिए उनके समेत कुछ और व्यवसायी बीते दिनों मुंबई में लगने वाली राष्ट्रीय सराफा मेले में गए थे। वहां से आकर्षक डिजाइन के गहने मंगाए गए हैं। इसका लाभ ग्राहकों को पहली बार अक्षय तृतीय पर्व में मिलेगा। अ
क्षय तृतीया के मौके पर आभूषण की बढ़ चढ़कर खरीदारी करने को लेकर महिलाओं में सबसे अधिक उत्साह है। हाईटेक होते माहौल को देखते हुए महिलाएं ऑनलाइन आकर्षक डिजाइन को सर्च कर रही हैं। इंद्रलोक कॉलोनी की ऋचा द्विवेदी ने बताया कि वैसे तो एक सराफा दुकान पर उन्होंने आकर्षक डिजाइन के आभूषण की बुकिंग करा ली है, लेकिन ऑनलाइन भी आभूषण देख रहे हैं। संगीता सिंह ने कहा कि उन्होंने आभूषण की आकर्षक डिजाइन को ऑनलाइन सर्च किया था। इसके बाद इसे सराफा व्यवसायी को दिखाकर आभूषण बनवाया है। अक्षय तृतीया के दिन खरीदारी करेंगे।
धारण करना चाहिए पीला वस्त्र
कटरिया के पंडित बाबूराम तिवारी ने कहा कि बैसाख शुक्ल पक्ष तृतीया अष्टधात्री माता गौरी को साक्षी मानकर किया गया धर्म, कर्म एवं दान अक्षय हो जाता है। इसी के चलते इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस दिन प्रत्येक प्रकार के शुभ कार्य किए जा सकते हैं। मांगलिक कार्य इसी दिन से प्रारंभ हो जाते हैं। अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी व भगवान विष्णु की पूजा अवश्य करना चाहिए। पूजन अर्चन के दौरान पीला वस्त्र भी धारण करना चाहिए। पंडित बाबूराम तिवारी ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन पूजा अर्चन का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 39 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट है। इसी के अनुसार सभी को पूजन अर्चन करना चाहिए।