अंबेडकरनगर। फसलों की बोआई और उत्पादन की सटीक जानकारी एकत्रित करने के लिए ई खसरा पड़ताल शुरू की गई है। इसके लिए करीब एक हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो गांव-गांव जाकर एप पर ब्योरा अपलोड करेंगे। फसल के आधार पर किसानों के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी, ताकि इसका लाभ उन्हें सीधा मिल सके।
वर्तमान में जिले में चार लाख से ज्यादा किसान खेती कर रहे हैं। इसमें गेहूं, धान व गन्ना के अलावा अन्य तमाम प्रकार की दलहन, तिलहन व औद्यानिक फसलों की बोआई की जाती है। कृषि विभाग के पास उपलब्ध आंकड़ा औसत एवं क्रॉप कटिंग के आधार पर तय किया जाता है। इससे सटीक क्षेत्रफल व उत्पादन नहीं मिलता। यही वजह है कि खरीफ, रबी के समय किसानों को बीज, खाद के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के निदान के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने ई खसरा पड़ताल एप के माध्यम से क्रॉप सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए करीब एक हजार पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, कृषि सखी, कृषि विभाग के कर्मचारी व राजस्व कर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई है। यह कार्य 15 फरवरी तक पूरा किया जाना है।
ये सहूलियतें मिलेंगी
ई खसरा पड़ताल से मोबाइल एप के माध्यम से क्रॉप कटाई एक्सपेरिमेंट का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सकेगा। किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बार-बार सत्यापन कराने के झंझट से निजात मिलेगी। कृषि आधारित उद्योगों को कृषि उत्पादों के बारे में समय से सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। किसानों को संस्थागत विपणन से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
ई खसरा पड़ताल के लिए एक हजार कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। एप के माध्यम से सर्वे शुरू कराया गया है। जल्द ही रबी में बोई गई फसलों का ब्योरा जुटा लिया जाएगा। - डॉ. अश्विनी सिंह, उपनिदेशक कृषि