अंबेडकरनगर। 24 घंटे के भीतर भीटी, हंसवर और कटका में हुए सड़क हादसों में दो किशोरों व ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। हंसवर में हुए हादसे में एंबुलेंस के समय से न पहुंचने की बात सामने आई है।
महरुआ के मुकुंदीपुर निवासी विंध्याचल सिंह (32) रविवार रात करीब 10 बजे ट्रैक्टर-ट्राॅली पर गन्ना लादकर मिझौड़ा चीनी मिल जा रहे थे। भीटी के चनहा चौराहे के निकट ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रैक्टर चला रहे विंध्याचल पहिये के नीचे आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
दूसरा हादसा हंसवर के सेमऊखानपुर बाजार में सोमवार दोपहर हुआ। दौलतपुर गांव निवासी प्रदीप कुमार सेमऊखानपुर में पेंटिंग करने आए थे। दोपहर 12:30 बजे वह चाय पीने के लिए निकले। तभी उनका बेटा आकाश (16) दिखा। उन्होंने बेटे को बाइक पर बिठाया और बाजार की तरफ चल पड़े। उन्होंने एक दुकान के सामने बाइक रोकी और आकाश के खाने के लिए सामग्री खरीदने चले गए। आकाश बाइक पर ही बैठा था, तभी तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक में टक्कर मार दी। आकाश बाइक से उछलकर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसखारी से राजकीय मेडिकल काॅलेज सद्दरपुर रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान आकाश की मौत हो गई।
वहीं, कटका के निर्माटनी निवासी अवधेश का बेटा सरस (14) सोमवार से साइकिल से टहलने निकला था। शाम छह बजे वह घर लौट रहा था, तभी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राॅली की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष विवेक वर्मा ने बताया कि हादसे की कोई सूचना नहीं है।
समय से आती एंबुलेंस तो बच सकती थी जान
प्रदीप के बड़े भाई संदीप ने बताया कि दुर्घटना के बाद तुरंत फोन किया गया, लेकिन एंबुलेंस एक घंटे देरी से से घटनास्थल पर पहुंची। एंबुलेंस समय से पहुंच जाती तो आकाश की जान बच जाती।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
कॉलर के फोन करने के 15 मिनट के भीतर एंबुलेंस हर हाल में पहुंचनी चाहिए। एंबुलेंस के देरी से पहुंचने की जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी