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Ambedkar Nagar News: कथा में कुछ सीखने और पाने के उद्देश्य से आने पर होगा बदलाव

Fri, 30 May 2025 04:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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अंबेडकरनगर। आलापुर के फतेहपुर नरियांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को दूसरे दिन अमर कथा और शुकदेवजी के जन्म का वृतांत का विस्तार से वर्णन किया गया। प्रवाचक राकेश महाराज ने कहा कि अगर आप भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आएं। कुछ सीखने, कुछ पाने के उद्देश्य से आएंगे तो यह कथा आपके जीवन में बदलाव लाएगी।
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प्रवाचक ने बताया कि शुकदेव जी का जन्म भगवान शिव द्वारा पार्वती को सुनाए गए अमर कथा के दौरान हुआ था। पार्वती जी को कथा सुनते-सुनते नींद आ गई, और एक शुक (तोता) पार्वती के स्थान पर हुंकारी भरने लगा। भगवान शिव ने शुक को मारने के लिए दौड़ते हुए त्रिशूल छोड़ा, लेकिन शुक जान बचाने के लिए भाग गए और व्यास जी के आश्रम में पहुंचे। वहां वह सूक्ष्म रूप में व्यास जी की पत्नी के मुख में प्रवेश कर गया और गर्भ में रह गए।

करीब 12 वर्ष बाद जब भगवान श्रीकृष्ण ने शुक को आश्वासन दिया कि गर्भ से बाहर निकलने पर माया का प्रभाव नहीं पड़ेगा, तब शुक ने जन्म लिया और व्यास जी का पुत्र कहलाए। शुकदेव ने राजा परीक्षित को कथा का श्रवण कराकर उन्हें मोक्ष प्राप्त कराया। इस मौके पर मनोज लाल श्रीवास्तव, अंबिका श्रीवास्तव, दुर्गेश कुमार समेत अन्य श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
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