यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा को सकुशल एवं नकलविहीन संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तो तैयारियां तेज कर दी हैं, लेकिन इन सबके बीच कुछ ऐसे परीक्षा केंद्र भी जहां परीक्षा को लेकर लापरवाही का आलम है। गौरतलब है कि इस बार हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के कुल 96 हजार 779 परीक्षार्थी भाग ले रहे हैं।
इसमें हाईस्कूल के 52 हजार 542 व इंटरमीडिएट के 44 हजार 237 परीक्षार्थी शामिल हैं। हाईस्कूल में 28 हजार 19 छात्राएं व 24 हजार 523 छात्र, तो इंटरमीडिएट में 24 हजार 506 छात्राएं व 19 हजार 731 छात्र शामिल हो रहे हैं।
इन सभी परीक्षार्थियों के लिए जिला मुख्यालय सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 181 परीक्षा केंद्रों की स्थापना की गई है, जो कि विगत वर्ष की अपेक्षा पांच परीक्षा केंद्र अधिक हैं।
जिन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, उसमें कुछ ऐसे हैं, जिनके भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, तो कुछ ऐसे हैं, जहां बैठने व प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं है। कुछ ऐसे भी विद्यालय हैं, जिहां क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों को भेज दिया गया है।
इसके चलते ऐसे कमरों में परीक्षा देने के लिए सीटे लगा दी गई हैं, जिनका प्रयोग आमतौर पर कार्यालय के रूप में किया जा रहा था। परीक्षा केंद्र के निर्धारण में दूरियों को भी नजरअंदाज किया गया। कुछ परीक्षा केंद्रों तक जाने के लिए परीक्षार्थियों को लगभग 20 किमी की दूरी तय करनी होगी।