किछौछा, बसखारी और टांडा के मदरसों में सबसे ज्यादा बाहरी प्रदेशों के बच्चे पढ़ते मिले हैं। मदरसा अमीरूल उलूम सिमनानिया किछौछा में बिहार के 44, पश्चिम बंगाल के 25 बच्चों के साथ ही असम, मध्य प्रदेश के एक-एक, झारखंड के 11 बच्चे पंजीकृत मिले हैं। मदरसा दारूल उलूम महबूबे यजदानी बसखारी में बिहार के 14, पश्चिम बंगाल के 36, झारखंड से एक, असम के छह बच्चे पंजीकृत हैं।
मदरसा जामिया बीबी सुल्ता खातून बसखारी में मध्य प्रदेश का एक, झारखंड के 20, बिहार के 83, पश्चिम बंगाल के दो, गुजरात के दो बच्चे हैं। मदरसा मखदूम अशरफ ओरिएंटल काॅलेज में झारखंड के तीन, बिहार के 10 व पश्चिम बंगाल के चार बच्चे हैं।
मदरसा जामिया अरबिया इजहारूल उलूम जहागीरगंज में झारखंड के दो, मदरसा अरबिया अहले सुन्नत मंजरे इस्लाम में पश्चिम बंगाल के आठ व असम के तीन बच्चे पंजीकृत मिले हैं।
मदरसा जामिया कदारिया फेजुल उलूम सिकंदरपुर में बिहार के तीन, मदरसा निशारूल उलूम शहजादपुर में झारखंड के छह, बिहार के पांच, पश्चिम बंगाल के छह, असम व छत्तीसगढ़ के एक-एक बच्चे मिले हैं। मदरसा बर्कतुल उलूम नेवारी बाजार में झारखंड के चार, बिहार के तीन, छत्तीसगढ़ और जम्मू कश्मीर के एक-एक बच्चे मिले हैं।
टांडा के मदरसा कंजुल उलूम में बिहार के छह व पश्चिम बंगाल का एक, मदरसा मंजरे हक में मध्य प्रदेश, बिहार के 14, पश्चिम बंगाल के 22, असम के 54 व हरियाणा का एक बच्चा पंजीकृत है।
शासन के निर्देश पर पुलिस की ओर से मदरसों का सर्वे कराया गया था, जिसमें बाहरी प्रदेशों के बच्चे भी पंजीकृत मिले हैं। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। शासन के निर्देशानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
-छोटेलाल, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी