शहर के दीवानी न्यायालय परिसर में बृहस्पतिवार को जलभराव के बीच आवागमन करते लोग।संवाद
अंबेडकरनगर। जिले में मौसम दूसरे दिन भी मेहरबान रहा। बृहस्पतिवार को अकबरपुर और जलालपुर में झमाझम बारिश हुई, जबकि भीटी क्षेत्र में रुक-रुककर हल्की वर्षा हुई। बारिश से धान की रोपाई में तेजी आने की उम्मीद से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और उमस भरी गर्मी से भी लोगों को राहत मिली है। वहीं बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक जिले में बारिश की संभावना जताई है।
बृहस्पतिवार की भोर से ही बादल छा गए। सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद करीब नौ बजे तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश का सबसे ज्यादा असर अकबरपुर शहर व आसपास के साथ जलालपुर तहसील क्षेत्र में देखने को मिला। यहां दिन में रुक-रुक कर कई चरणों में बारिश हुई। शहर के डीएम कार्यालय समेत अन्य मार्गों व सड़क किनारे जलभराव से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। दीवानी न्यायालय परिसर में मुख्य गेट से लेकर कोर्ट परिसर जाने वाले गेट तक जलभराव होने से वादकारियों और अधिवक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भीटी क्षेत्र में हल्की बारिश हुई। टांडा और आलापुर तहसील क्षेत्रों में दूसरे दिन भी बारिश नहीं हुई। यहां बादल तो छाए लेकिन बिना बरसे ही गुजर गए। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्र ने बताया कि दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले 48 घंटे के दौरान तेज बारिश के आसार हैं।
बारिश के बाद जलभराव से हुई परेशानी
जलालपुर/हजपुरा। भियांव विकासखंड की ग्राम पंचायत सेमरा में बरसात के बाद जलभराव की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। ग्रामीण सेवाराम, रामआशीष और संतलाल ने बताया कि नालियों की नियमित सफाई न होने से बारिश का पानी गांव में जमा हो जाता है। गांव का देवस्थान परिसर भी जलमग्न हो गया है, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है। वहीं, सम्मनपुर के हजपुरा चौराहे पर बारिश के बाद हुए जलजमाव से स्थानीय लोगों और राहगीर परेशान हैं। प्रह्लाद वर्मा, हाशमी और संजय ने बताया कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं कराया गया है।
शहर के दीवानी न्यायालय परिसर में बृहस्पतिवार को जलभराव के बीच आवागमन करते लोग।संवाद