अंबेडकरनगर। नए साल के आगमन के साथ ही जिले में मौसम ने अपना मिजाज बदल दिया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के प्रभाव से चली तेज पछुआ हवाओं और हल्की फुहारों ने कड़ाके की ठंड का अहसास कराया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कड़ाके की ठंड के चलते सोमवार तक इंटरमीडिएट तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
शनिवार को करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा ने हाड़ कंपा देने वाली ठंड का अहसास कराया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, हर तरफ लोग ठंड से ठिठुरते नजर आए। अकबरपुर शहर के तहसील तिराहे पर लोग अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए बस का इंतजार करते हुए ठंड से बचने के लिए सिर ढकते और शॉल लपेटे हुए दिखे। यातायात संभालने में तैनात पुलिसकर्मी भी दोपहर तक अलाव न जलने से परेशानी का सामना करते रहे। दोपहर करीब एक बजे शहर में गिरी हल्की फुहारों ने ठंडक को और बढ़ा दिया, वहीं जलालपुर क्षेत्र में यह फुहार सुबह ही गिर चुकी थी। शनिवार को दिन का तापमान लगभग 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले एक सप्ताह तक ठंड का प्रकोप जारी रहेगा, हालांकि बारिश की संभावना फिलहाल कम है।
दलहन, तिलहन व आलू को नुकसान
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दिन भर छाए बादलों और पाला गिरने का सीधा असर जिले की दलहन, तिलहन और सब्जी की फसलों पर पड़ रहा है। किसान राम प्रताप प्रजापति, मोहम्मद नसीम और राम पलट यादव ने बताया कि सरसों की फसल फूल की अवस्था में है और अरहर में भी फूल आ रहे हैं। टमाटर, बैंगन और आलू की फसलों को भी मौसम से काफी नुकसान हो रहा है। आलू के पौधे पीले पड़कर मुरझा रहे हैं और पत्तियों पर काले धब्बे पड़ रहे हैं। अपर जिला कृषि अधिकारी रोहित साहू ने किसानों को फसलों को बचाने के लिए नियमित सिंचाई करने की सलाह दी है, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहे और तापमान कम हो। उन्होंने वैज्ञानिकों की सलाह पर सल्फर का छिड़काव करने का भी सुझाव दिया है।
मौसमी बीमारियों का प्रकोप
कड़ाके की ठंड और मौसमी बीमारियों के प्रकोप के चलते जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। शनिवार को हाफ-डे ओपीडी में करीब 500 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें अधिकांश मरीज बुखार, खांसी, सर्दी और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित थे। सुबह से ही अस्पताल परिसर में मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल थे। फिजीशियन डॉ. विवेक पांडेय ने ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, सुबह और रात में ठंडी हवा से बचने और सर्दी-खांसी या बुखार के लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है। सांस रोग से पीड़ित मरीजों को नियमित दवाएं लेने का निर्देश दिया गया है।