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Ambedkar Nagar News: सरयू का जलस्तर घटा, पर बाढ़ की मार नहीं हुई खत्म

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राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में आराजी देवारा के प्रसाद कर्मी का पूरा मार्ग पर भरे पानी के बीच आवागमन
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अंबेडकरनगर। सरयू का जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को कुछ राहत मिली है, लेकिन राजेसुल्तानपुर में कई मार्गों पर पानी बहने और टांडा में नदी के खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण मुश्किलें बनी हुई हैं। वहीं, पानी घटने के बाद कीचड़ और सड़न से बीमारियों का अंदेशा बढ़ गया है। ग्रामीणाें ने स्वास्थ्य विभाग से मदद की अपील की है।
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राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में रविवार को सरयू का जलस्तर 85.45 मीटर से घटकर 85.24 मीटर पहुंच गया। 24 घंटे में 21 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। नदी अब खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर घटने से मांझा कम्हरिया के ग्रामीणों को राहत मिली है। कल्लू का पूरा मार्ग पर भी पानी काफी कम हुआ है। इसके बावजूद आराजी देवारा के हंसू का पूरा और प्रसाद कुर्मी का पूरा में स्थिति सामान्य नहीं हुई है। प्रसाद कुर्मी का पूरा मार्ग पर बाढ़ का पानी अभी बह रहा है। ग्रामीणों को इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
हंसू का पूरा में करीब आधा दर्जन ग्रामीण अभी भी नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार जलस्तर इसी तरह घटता रहा तो करीब दो दिन में मार्ग से पानी हट सकता है। पानी उतरने के बाद घास-फूस की सड़न से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा है। सामाजिक कार्यकर्ता मित्रसेन ने मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा कमरिया में मच्छररोधी दवा छिड़काव तथा दर्शन नगर बंधे पर स्वास्थ्य कैंप लगाने की मांग की है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर रहा है और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाई गई है।
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टांडा में खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर नदी

रविवार को टांडा में सरयू का जलस्तर 92.860 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर अधिक है। शुक्रवार की तुलना में 24 सेंटीमीटर ऊपर से जलस्तर में 11 सेंटीमीटर कमी आई है। मांझा कला, मांझा चिंतौरा, केवटला, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ, अवसानपुर और महरीपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांवों पर नजर रखी जा रही है। टांडा हनुमानगढ़ी की सभी सीढ़ियां डूब गई हैं। उल्टहवा माझा में करीब 200 बीघा खेत और नदी किनारे की धान की फसल जलमग्न है। वहीं, जालिम का पूरा, दिलसेन का पूरा, बाबूराम का पूरा और कुशमौलिया में अभी घरों तक पानी नहीं पहुंचा है। नेहरूनगर के बिछावट के दोनों ओर पानी भर गया है और मेहनिया तक भी पहुंचा है हालांकि घर सुरक्षित हैं। तहसीलदार गरिमा भार्गव ने लेखपाल राजन पटेल के साथ मुबारकपुर के ठोकर नंबर 22 का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि डेंजर प्वाइंटों और नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी हो रही है। फिलहाल किसी घर में पानी नहीं पहुंचा है।

राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में आराजी देवारा के प्रसाद कर्मी का पूरा मार्ग पर भरे पानी के बीच आवागमन

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