राजेसुल्तानपुर/विद्युतनगर। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में आराजी देवारा और मांझा कम्हरिया के मुख्य मार्गों से पानी उतर गया है। हालांकि आराजी देवारा के हंसू का पूरा में करीब आधा दर्जन परिवारों की आवाजाही अभी नाव के सहारे हो रही है।
राजेसुल्तानपुर में सोमवार को सरयू का जलस्तर 85.15 मीटर दर्ज किया गया, जबकि रविवार को यह 85.24 मीटर था। 24 घंटे में नौ सेंटीमीटर की कमी आई है। अब नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। पिछले पांच दिनों में भी जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की गई। 20 अगस्त को यह 85.58, 21 को 85.52, 22 को 85.45, 23 को 85.24 और 24 अगस्त को 85.15 मीटर रहा।
जलस्तर घटने से आराजी देवारा के प्रसाद कुर्मी का पूरा और मांझा कम्हरिया के कल्लू का पूरा मार्ग पर बह रहा पानी मुख्य रास्ते से नीचे उतर गया है। इससे दोनों मार्गों पर आवागमन आसान हुआ है। हंसू का पूरा में अभी पानी पूरी तरह नहीं उतरा है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी का जलस्तर प्रतिदिन घट रहा है। मांझा क्षेत्र के मुख्य मार्गों से पानी हट गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तहसील कर्मचारी लगातार मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
उधर, विद्युतनगर क्षेत्र में सोमवार को सरयू का जलस्तर 92.740 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 92.730 मीटर है। रविवार की तुलना में 12 सेंटीमीटर कमी के बावजूद नदी अभी खतरे के निशान से एक सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। उल्टहवा माझा, अवसानपुर, केवटला, डुहियां और महरीपुर के ग्रामीण स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने बाढ़ राहत चौकियों और नाविकों को अलर्ट रखा है।
टांडा तहसील के माझा कला, माझा चिंतौरा, केवटला, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ, अवसानपुर और महरीपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांव हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होते हैं। उल्टहवा माझा में करीब 200 बीघा खेत पानी में डूबा है और नदी किनारे की धान की फसल प्रभावित हुई है। हालांकि जालिम का पूरा, दिलसेन का पूरा, बाबूराम का पूरा और कुशमौलिया में पानी अभी घरों तक नहीं पहुंचा है।
नेहरूनगर के सभासद मन्नू ने बताया कि बिछावट के उत्तर और दक्षिण दोनों ओर पानी भरा हुआ है। तहसीलदार गरिमा भार्गव ने बताया कि डेंजर प्वाइंट और नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने करीब एक सप्ताह पहले उल्टहवा माझा में पशुओं का टीकाकरण भी कराया था।