अंबेडकरनगर के टांडा में खतरे के निशान के ऊपर पहुंचकर स्थिर हुआ सरयू का जलस्तर।
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उफनाई सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 9 सेमी ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया है। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 92.82 मीटर दर्ज किया गया था जो कि खतरे के निशान से 9 सेमी ऊपर था। इसके बाद जलस्तर इसी पर स्थिर हो गया। गुरुवार शाम चार बजे भी जलस्तर लाल निशान से 9 सेमी ऊपर बना हुआ था।
जलस्तर में कमी न होने से निकटवर्ती गांवों के लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई है। टापू बन चुके माझा उलटहवा के तीन गांवों के लोगों को आवागमन में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पशुओं के चारे का संकट भी खड़ा होने लगा है। इसके अलावा नगर के आधा दर्जन मोहल्लों में कई दिनों से जलभराव होने से आवागमन में समस्या उत्पन्न होने लगी है।
गौरतलब है कि कुछ दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही थी। मंगलवार को जहां जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से 7 सेमी ऊपर था, वहीं बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 9 सेमी ऊपर पहुंच गया था। इससे सबसे अधिक समस्या माझा उलटहवा के तीन गांवों दिलशेर का पूरा, जालिम का पूरा तथा बाबूराम का पूरा की लगभग दो हजार आबादी के समक्ष खड़ी हो गई थी।
टापू बन चुके इन गांवों के लोगों को आवागमन के लिए नावों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हालांकि जलस्तर इसके बाद स्थिर हो गया लेकिन संबंधित गांवों के लोगों की समस्या गुरुवार को भी जस की तस बनी हुई है। बाढ़ प्रखंड अवर अभियंता चिंतामणि के अनुसार गुरुवार शाम चार बजे भी जलस्तर 92.82 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 9 सेमी ऊपर है।