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Ambedkar Nagar News: जहांगीरगंज रजबाहा की पटरी व खड़ंजा कटा, 200 बीघा खेत जलमग्न

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टांडा के सुंथर गांव में रजवाहा की पटरी कटने के बाद बहता पानी। संवाद
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सद्दरपुर। टांडा तहसील क्षेत्र के सुंथर गांव के पास बृहस्पतिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे जहांगीर रजबाहा की पक्की पटरी पानी के तेज बहाव से कट गई। इसके कारण करीब 15 फीट खड़ंजा भी कट गया। देखते-ही-देखते 200 बीघा धान के खेत पानी से लबालब हो गए। पानी का बहाव अधिक होने के कारण लगभग चार घंटे बाद ही काम शुरू हो सका। सिंचाई विभाग के अधिकारी देर रात तक मरम्मत कार्य पूरा कराने की बात कह रहे हैं।
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जहांगीरगंज रजबाहा का हेड टांडा तहसील के सिबलीपुर में स्थित है। यह रजबाहा सिबलीपुर से नसीरपुर, मीरूपुर, तेंदुआ, सूरापुर, सुंथर सहित कई गांवों से होते हुए जहांगीरगंज तक करीब 62 किलोमीटर की दूरी में फैला है। बृहस्पतिवार दोपहर नहर की बाईं पटरी से अचानक पानी का रिसाव खेतों की ओर शुरू हुआ। पानी के तेज बहाव से रजबाहा का पक्का किनारा, बंधा और खड़ंजा कटना शुरू हो गया।
पटरी कटने से सुंथर, हसनपुर, संसारीपुर और अकूतपुर के किसानों की करीब 200 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। इनमें रामशब्द कनौजिया का डेढ़ बीघा, सेवाराम का 1.25 बीघा, रामसुंदर यादव का ढाई बीघा, दिलीप का एक बीघा, कलावती का एक बीघा और राजितराम वर्मा का दो बीघा खेत शामिल है। कुलदीप यादव, तारा देवी, सियाराम, अंगद वर्मा, मंशाराम वर्मा, रामावतार वर्मा, तिलकराम वर्मा, शिव कुमार वर्मा और रामतीरथ वर्मा के खेतों में बोई गई धान की फसलें भी पानी में डूब गईं। किसानों को फसल पूरी तरह से नष्ट होने की आशंका है।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि सिबलीपुर हेड से पानी बंद करवा दिया गया है। रजबाहा की पटरी की मरम्मत शुरू कर दी गई है। उन्होंने देर रात तक काम पूरा करने और बाद में कारणों की जांच करने की बात कही।
रजबाहा की सफाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुई थी पटरी
स्थानीय किसान कुलदीप यादव और राजितराम वर्मा ने बताया कि करीब तीन माह पहले सिंचाई विभाग ने रजबाहा की सफाई कराई थी। इस दौरान जेसीबी से निकाली गई सिल्ट को दूसरी ओर डंप कर दिया गया। पक्की पटरी भी क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। बाद में चूहों ने भी इसमें दरारें कर दीं, जिससे पटरी पानी का दबाव नहीं झेल पाई।
गांव तक पहुंचा पानी, आवागमन भी प्रभावित
रजबाहा कटने के बाद कई घंटों तक पानी का बहाव जारी रहा। पानी खेतों से होते हुए बहोरापुर और संसारीपुर गांवों के किनारे तक पहुंच गया। बहोरापुर से संसारीपुर जाने वाला खड़ंजा मार्ग पानी से जलमग्न हो गया, जिससे गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ। सुंथर से बहोरापुर और अकूतपुर जाने वाले लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग की मरम्मत न होने से अब उन्हें मुबारकपुर होते हुए बाजार जाना पड़ेगा, जिससे करीब तीन किलोमीटर दूरी बढ़ गई है। इससे करीब दो हजार आबादी प्रभावित हो रही है।
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