जानकारी के मुताबिक गांव निवासिनी हदीसुन्निशा (15) पुत्री अमीरुल्लाह गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे अपनी सौतेली बहन खुशनुमा (8) को लेकर घर से बाहर निकली। परिवारीजनों का कहना है कि वह कुछ दूर आगे बढ़ी थी कि तभी उसे अचानक चक्कर आने लगा।
वह अपनी छोटी बहन का हाथ पकड़े हुए थी। चक्कर आने के दौरान वह एक कुएं के निकट पहुंची थी, जिसके चलते वह कुएं के अंदर गिर पड़ी। किशोरी सीधे पानी में गिरी और डूब गई, जबकि खुशनुमा ने अपने को बचाने के लिए कुएं की जगत में उगी घास को पकड़ लिया।
खुशनुमा की गुहार पर परिनवारीजन व ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी प्रकार खुशनुमा को बाहर निकाला। इसके बाद कुछ युवक रस्सी के सहारे कुएं में उतरे और हदीसुन्निशा को बाहर निकाला। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
जानकारी होने पर जब तक सम्मनपुर पुलिस मौके पर पहुंचती, उससे पहले ही परिजनों ने आननफानन में हदीसुन्निशा को सुपुर्देखाक कर दिया था। एसओ वासुदेव राणा ने बताया कि परिजनों के अनुसार हदीसुन्निशा को मिर्गी का दौरा आता था। गुरुवार को वह अपनी छोटी बहन खुशनुमा के साथ किसी कार्य से बाहर निकली हुई थी।
जब वे दोनों कुएं के निकट पहुंचे, तो हदीसुन्निशा को दौरा पड़ गया, जिससे वह कुएं में गिर पड़ी। चूंकि उसने खुशनुमा का हाथ पकड़ रखा था, इसलिए वह भी अंदर गिरी, लेकिन कुएं की जगत में ही फंस गई, जिससे सही सलामत बाहर निकाल लिया गया। बताया कि कोई तहरीर नहीं मिली है।