अंबेडकरनगर। एनएच-233 से प्रभावित किसानों का संघर्ष अब रंग लाने लगा है। डीएम राकेश कुमार मिश्र ने परियोजना निदेशक व किसानों के साथ बैठक कर कहा कि किसानों की भूमि का पुन: सर्वे कराने के साथ उसके अनुरूप भुगतान कराया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 233 से प्रभावित किसान समुचित मुआवजे की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। धरना प्रदर्शन के साथ साथ कई बार प्रशासन से लेकर शासन तक को इस बावत पत्र भी भेजा गया, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। किसानों की मांग थी कि उनकी अधिग्रहीत भूमि का उन्हें समुचित मुआवजा दिलाए जाए। कई बार प्रशासन व एनएचएआई द्वारा किसानों को आश्वासन भी दिया गया, लेकिन आश्वासन आश्वासन ही बनकर रह गया। न तो उन्हें मुआवजा दिया गया और न ही इसके लिए कोई प्रक्रिया शुरू की गई।
इस बीच जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने किसानों को शीघ्र ही समाधान निकाल लिए जाने का भरोसा दिलाया था। शनिवार को डीएम ने परियोजना निदेशक नवीन मिश्र व किसानों के साथ बैठक किया। बताया कि जिले के 510 हेक्टेयर भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग में चयनित हुई हैं, जिसमें संबंधित किसानों को मुआवजा भी दिया जा चुका है। हालांकि किसानों की मांग के अनुसार प्राविधान 2013 के अन्तर्गत पुन: सर्वे कराकर तत्काल भुगतान का आदेश दिया गया है।
डीएम ने परियोजना निदेशक को निर्देशित किया कि दो सप्ताह में संबंधित मामलों में भूमि का सर्वे करा लिया जाए। इसके बाद यदि जरूरत पड़ती है तो आवश्यक भुगतान किया जाए। इसमें यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं डीएम के इस निर्णय पर किसानों ने हर्ष जताया है। उनका कहना है कि लंबे संघर्ष के बाद उनकी समस्याओं का निस्तारण होने वाला है। इस मौके पर तहसीलदार संतोष ओझा, किसान यूनियन जिलाध्यक्ष के अलावा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।