अंबेडकरनगर। पावर कारपोरेशन 9.88 करोड़ रुपये से बिजली से वंचित 356 मजरों की गलियों को रोशन करेगा। इसका बजट जारी होने के साथ ही मजरों के सर्वे का काम पूरा करा दिया गया है। अब इन मजरों में बिजली के खंभों को भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जिले में पांच दशक पूर्व बिजली के तार दौड़े थे। इसके बाद यहां 15 बिजली घरों की स्थापना की गई थी। समय बीतने के साथ बिजली घर और संसाधनों में दिन प्रतिदिन बढ़ोत्तरी हुई। वर्तमान में 42 उपकेंद्रों के माध्यम से चार लाख 10 हजार बिजली उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति दी जा रही है। पांच वर्ष पूर्व सौभाग्य योजना के तहत 300 करोड़ रुपये से शहर से गांव तक बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफार्मर स्थापित कराकर बिजली संसाधनों को बढ़ाया गया था। इस बीच मजरों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई। अब कई जगहों पर बांस-बल्ली के सहारे बिजली के तार खींचकर आपूर्ति दी जा रही है।
अब शासन ने ऐसे मजरों व मोहल्लों को चिह्नित कराया, जहां अभी तक बिजली के तार नहीं पहुंच सके हैं। अकबरपुर, भीटी, राजेसुल्तानपुर, जलालपुर, सरहरी दक्षिण भियांव पुरवा, नेवादा कला नूरपुरकला, नोनहर, सेमरा, रामगढ़ समेत 356 मजरों को चिह्नित कर अब इन मजरों में 9.88 करोड़ रुपये से विद्युतीकरण के कार्य कराए जाएंगे। 11 हजार बिजली लाइन के साथ ही एलटी लाइन भी बिछाई जाएगी। बिजली के खंभे और बंच केबल के साथ ही आवश्यकता वाले स्थानों पर ट्रांसफार्मर की स्थापना कराई जाएगी। 50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली के कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। अब 50 हजार से अधिक आबादी को बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति से छुटकारा मिल जाएगा। सौभाग्य योजना के तीसरे चरण से इन कार्यों को कराया जाएगा। शासन ने अप्रैल 2026 तक इन कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
नामित संस्था को तेजी से काम कराने के निर्देश
9.88 करोड़ रुपये से 356 मजरों को बिजली से रोशन किया जाएगा। इसका बजट शासन से जारी कर दिया गया है। नामित संस्था को तेजी से कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। - राजकुमार त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता