अंबेडकरनगर। थाना क्षेत्र आलापुर के अखलासपुर गांव में मिथलेश की टेंट हाउस की दुकान में आठ मार्च की दोपहर संदिग्ध हालात में आग लगने से पत्नी वंदना की जलकर मौत हो गई थी। मृतका के बेटे अर्पित ने पिता पर मां की हत्या का आरोप लगाकर थाने में तहरीर दी थी। तीन दिन बीत जाने के बाद भी केस नहीं दर्ज होने पर सोमवार को अपने नाना बृजलाल चौहान के साथ एसपी कार्यालय पहुंच न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
अर्पित ने एसपी कार्यालय पहुंचकर बताया कि आठ मार्च की सुबह उनके पिता मिथलेश व मां वंदना के बीच घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बार उनके पिता टेंट हाउस की दुकान में चले गए थे। कुछ देर बाद वंदना टेंट हाउस के बगल स्थित जनसेवा केंद्र पर रुपये निकालने गईं, लेकिन निकासी नहीं होने पर टेंट हाउस पर चली गई थीं।
दुकान में पिता मिथेलश कुमार के साथ एक लड़की मौजूद थी। इसी को लेकर दोनोंं के बीच वाद-विवाद शुरू हो गया था। कुछ देर बाद गांव के एक युवक ने उसे बताया कि तुम्हारे टेंट हाउस की दुकान में आग लगी है। दरवाजा बाहर से बंद है। बाहर कुर्सी पर तुम्हारे पिता बैठे हैं, लेकिन आग बुझाने की कोशिश भी नहीं कर रहे हैं।
इतना सुन जब भागते हुए घटना स्थल पर पहुंचा तो मां आग में जल रही थी। आरोप है कि घटना के बाद मिथलेश ने अर्पित से कहा था कि हमसे बहुत बड़ी गलती हो गई है, पुलिस से कुछ भी नहीं बताना। यदि कोई कुछ पूछता है तो शार्ट-सर्किट से आग लगने की बात ही कहना। इससे यह साफ है उनके पिता ने ही मेरी मां को आग से जलाकर मार डाला है।
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नाबालिग की तहरीर पर कैसे लिखें मुकदमा
थाना प्रभारी आलापुर राकेश कुमार पहले तो तहरीर मिलने से इन्कार कर रहे थे, लेकिन जब मामला एसपी कार्यालय तक पहुंच गया तो अब नाबालिग की तहरीर पर मुकदमा कैसे लिखें की बात कह रहे हैं। ऐसे में गंभीर मामले में भी पुलिस की संवेदनहीनता एक बार फिर उजागर हुई है।
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