राजेसुल्तानपुर क्षेत्र के मांझा कम्हरिया गांव के निकट बढ़ा सरयू नदी का जलस्तर।संवाद
राजेसुल्तानपुर। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को नदी के जलस्तर में 31 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर 84.60 मीटर से बढ़कर 84.91 मीटर पहुंच गया। नदी अब खतरे के निशान से महज 65 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
जलस्तर बढ़ने के साथ सरयू का पानी निचले इलाकों में तेजी से फैलने लगा है। आराजी देवारा के बंधे के किनारे और करिया लोनिया का पुरा गांव की सीमा तक पानी पहुंच गया है। गांव के पास पानी पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति बनने पर सबसे बड़ी समस्या आवागमन की होती है। गांवों का संपर्क प्रभावित होने के साथ पशुओं के लिए हरे चारे का संकट भी खड़ा हो जाता है।
सरयू के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ कार्य खंड अयोध्या की ओर से संवेदनशील स्थानों पर बचाव कार्य शुरू करा दिया गया है। विभागीय टीम ट्री स्पर और बंबू क्रेट लगाने में जुटी है। इन उपायों के जरिए नदी के बढ़ते दबाव वाले हिस्सों को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सरयू का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। मांझा क्षेत्र में नाविकों को सतर्क कर दिया गया है। मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
गांवों की ओर बढ़ा पानी, धान की फसल जलमग्न
सरयू का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। पांच बीघे से अधिक क्षेत्रफल में लगी धान की फसल जलमग्न हो चुकी है। इससे किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। ग्रामीण राम आसरे, धर्मेंद्र और सतिराम ने बताया कि सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यदि इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो आराजी देवारा के साथ मांझा कम्हरिया के करीब एक दर्जन मजरे चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अभी से निचले क्षेत्रों में पानी बढ़ने के कारण लोगों में चिंता का माहौल है।