उधर धान किसानों की भी सिंचाई संबंधी चिंता भी काफी हद तक दूर हो गई। बारिश से जिला मुख्यालय पर जगह जगह जलभराव भी हो गया। इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
मालूम हो कि बारिश न होने से धान किसानों के सामने सिंचाई की समस्या पैदा हो गई थी। साधन संपन्न किसान तो किसी प्रकार सिंचाई कर रहे थे, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को मुश्किलें हो रही थीं। बुधवार दोपहर बाद अचानक आसमान पर काले बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे।
कुछ ही देर में पहले तेज हवा चली इसके बाद बारिश शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इससे जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली वहीं किसानों ने भी राहत की सांस ली।
अकबरपुर के किसान राजबहादुर व संतराम ने कहा कि यदि इसी प्रकार से समय समय पर बारिश होती रहे, तो भी धान की फसल को नुकसान होने से बचाया जा सकता है। किसान जगन्नाथ व घनश्याम ने कहा कि यदि यही बारिश फुहार के रूप में हो, तो इसका व्यापक लाभ धान की फसल को मिलेगा।
उधर झमाझम बारिश से जिला मुख्यालय पर जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। अकबरपुर फैजाबाद मार्ग, कलक्ट्रेट के निकट, पटेलनगर तिराहा के निकट व बस स्टेशन क्षेत्रों में जगह-जगह सड़कों पर नाले व नालियों का गंदा पानी बहने लगा। इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।