जहांगीरगंज (अंबेडकरनगर)। सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जेसीबी से रामलीला मंच तोड़े जाने के विरोध में ग्रामीणों का धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आजाद अधिकार सेना पार्टी के नेतृत्व में चल रहा यह आंदोलन प्रशासनिक आश्वासनों के बावजूद शांत नहीं हुआ है।
हरिहरपुर गांव में स्थित पक्के रामलीला मंच को 9 अक्तूबर को लेखपाल दयाशंकर ने तहसील अधिकारियों के निर्देश पर ध्वस्त करा दिया था। कार्रवाई सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के नाम पर की गई थी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। विरोध स्वरूप 11 अक्तूबर को धरना शुरू हुआ, जिस पर तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने दस दिन में क्षेत्र के अन्य अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया था। तय समय बीतने के बाद कोई कदम न उठने पर ग्रामीणों ने पुनः धरना शुरू कर दिया। एसडीएम सुभाष सिंह, नायब तहसीलदार हूबलाल व एसओ के आश्वासन के बाद भी ग्रामीण नहीं माने। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अन्य सरकारी भूमि पर स्थायी निर्माण होने के बावजूद केवल रामलीला मंच को तोड़ा गया। इस दौरान पार्टी के मंडल कोऑर्डिनेटर रजनीश तिवारी, जिलाध्यक्ष मिट्ठूलाल यादव, राम सागर उपाध्याय, नरेंद्र पांडे, अभिषेक कन्नौजिया, सचिन, वीरेंद्र चौरसिया और पिंटू गौड़ सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। एसडीएम सुभाष सिंह धामी ने बताया कि प्रशासन ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, पर वह नहीं माने। मामले की जांच की जा रही है।