अंबेडकरनगर के अकबरपुर नगर में गुरुवार को ढीला ही रहा सराफा का कारोबार।
- फोटो : अमर उजाला
बड़े नोटों पर प्रतिबंध के अगले दिन बुधवार को जहां जिले की सराफा बाजार में रौनक रही, वहीं गुरुवार को बैंक खुलते ही सराफा कारोबारियों की उम्मीदों को करारा झटका लगा। अधिकतर दुकानों पर इक्का-दुक्का ग्राहक पहुंचते रहे।
बाहर से आभूषण मिलने में आ रही कठिनाई को देखते हुए सराफा कारोबारियों ने भी बहुत संभलकर आभूषणों की बिक्री की। गौरतलब है कि देश में प्रचलित 500 व एक हजार की नोट पर प्रतिबंध लगते ही सबसे ज्यादा लाभ सराफा कारोबारियों को हुआ।
बुधवार को आभूषणों की बिक्री बड़े पैमाने पर हुई। दिन भर सराफा की दुकानों पर भीड़ लगी रही। सराफा कारोबारियों को उम्मीद थी कि गुरुवार को और ज्यादा तेजी आएगी। इसके लिए दुकानदारों ने खासी तैयारी भी की थी, लेकिन कारोबारियों को इसमें करारा झटका लगा।
ऐसा इसलिए क्योंकि गुरुवार को आमतौर पर लोगों ने आभूषणों की खरीद से कन्नी काटे रखा। इक्का-दुक्का ग्राहक ही दुकानों पर पहुंचते रहे। वह भी सिर्फ छोटे आभूषण तक ही सीमित रहे। कई ग्राहक तो पुराने आभूषण की मरम्मत के लिए ही पहुंचे।
रेट भी अचानक पांच हजार से छह हजार प्रति ग्राम तक बढ़कर 36 व 37 हजार तक लिया गया। वरिष्ठ सराफा कारोबारी वीरेंद्र सेठ ने बताया कि गुरुवार को कारोबार में जो तेजी आनी चाहिए थी, वह नहीं दिखी। इसका कारण क्या था, यह स्पष्ट नहीं।