अंबेडकरनगर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार की अदालत ने अपहरण और दुष्कर्म के दोषी नीरज को सात साल की साज सुनाई है, साथ ही 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अकबरपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि नीरज कुमार राजभर निवासी राबीबहाउद्दीनपुर ने वर्ष 2013 में उनकी नाबालिग पुत्री को शादी का झांसा देकर अपने प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद उसको बहला फुसलाकर अयोध्या, दिल्ली और लखनऊ ले गया। शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित पक्ष का आरोप था कि इस घटना को अंजाम देने में पप्पू उर्फ विनोद उर्फ रामहित निवासी टडवा मुजाहिदपुर इब्राहिमपुर और आरोपी की मां देवमती ने इसमें सहयोग किया था।
पुलिस ने जांच के बाद तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार की अदालत में चली। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गवाहों और साक्ष्यों का परीक्षण कर नीरज कुमार को अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया। वहीं, पप्पू उर्फ विनोद और देवमति को दोष मुक्त कर दिया। कोर्ट ने नीरज कुमार को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 22 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। (संवाद)