अंबेडकरनगर। कोहरा और शीतलहर से आम जनजीवन बेहाल है। इसका सबसे ज्यादा असर परिवहन पर पड़ रहा है। सवारी की आमद कम होने से अधिकतर रोडवेज बसें बेड़े में ही खड़ी रह जा रही हैं। प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
अकबरपुर डिपो में 116 बसें हैं। वैसे तो सर्दी का असर हर तरफ है, लेकिन सबसे ज्यादा असर परिवहन निगम पर पड़ रहा है। सर्दी और शीतलहर में रोडवेज बसों की आय में काफी गिरावट आई है। इससे डिपो को रोजाना नुकसान उठाना पड़ रहा है। आम दिनों में जहां डिपो से प्रतिदिन आठ से नौ लाख तक आय होती थी, वहीं अब बमुश्किल से छह से सात लाख रुपये की कमाई हो पा रही है। कारण ठंड और गलन से सवारियां सफर में कम निकल रही हैं। बसों का लोड फैक्टर भी घट गया है। ऐसे में आय भी काफी कम आ रही है और अफसर यात्रियों की संख्या बढ़ाने का दबाव बनाते हैं।
रोडवेज की आमदनी हुई कम
ठंड और गलन के कारण आम दिनों की तुलना में सवारी की आमद कम हुई है, जिससे रोडवेज की आमदनी में कमी आई है।
- हरिओम श्रीवास्तव, एआरएम अकबरपुर डिपो