बेवाना थाना अंतर्गत बेवाना गांव निवासी बदरुद्दीन अंसारी की पुत्री आसिया खातून का विवाह 26 नवंबर को है। अंसारी कहते हैं कि विवाह की तैयारियां जोरों पर थीं। अभी दहेज का कुछ सामान आना शेष है। अब जिन सामानों की खरीददारी शेष बची है, वह कैसे होगी, इसे लेकर हम सभी परेशान हैं।
नई बड़ी नोट भी आसानी से नहीं मिल रही। इसके अलावा भोजन, टेंट, बावर्ची एवं अन्य आवश्यक सामानों की बुकिंग तो करा दी गई है, लेकिन अब आगे इनका पूर्ण भुगतान कैसे होगा, यह नई समस्या खड़ी हो गई। परिवार की समझ में नहीं आ रहा कि वह किस प्रकार शादी को कुशलतापूर्वक निपटाएंगे।
इसी तरह अकबरपुर थाना अंतर्गत शुकुलपट्टी गांव निवासी पंकज शुक्ला ने चिंता जताते हुए कहा कि 16 नवंबर को उनके छोटे भाई वरुण का विवाह है। विभिन्न सामानों के लिए बुकिंग की धनराशि तो दे दी गई है, लेकिन अब आगे क्या होगा, इसकी चिंता उन्हें सता रही है।
आवश्यक कार्य निपटाने के लिए उन्होंने बीते दिनों ही धनराशि निकाली थी, लेकिन अब वह धनराशि उनके काम की नहीं रह गई है। शुक्रवार को उन्होंने उसे खाते में जमा तो करा दिया, लेकिन मात्र 2 हजार रुपये ही निकल सके हैं। इससे काम चलने वाला नहीं है। सकुशल वैवाहिक आयोजन निपटाने के लिए उन्होंने अपने रिश्तेदारों व दोस्तों से उधार मांगा है।
वहीं, महरुआ थाना अंतर्गत आदमपुर तिलोनी गांव निवासी सभाजीत निषाद ने कहा कि उनकी पुत्री का विवाह 16 नवंबर को है। शादी की तैयारियों के लिए उन्होंने बीते दिनों ही बड़ी रकम निकलवाई थी। अब जबकि बड़ी नोटों पर प्रतिबंध लग गया है, तो शादी की तैयारियों की झंझट के साथ यह और नई मुसीबत सामने आ गई है।
बेटी के विवाह को लेकर कई तरह की चिंताएं वैसे ही होती हैं। अब धन होने के बाद भी वह काम का नहीं रह गया। कई रिश्तेदारों व दोस्तों से धनराशि की व्यवस्था करने को कहा है, लेकिन अधिकांश लोगों ने ऐसी ही समस्या गिना दी है।
बड़े नोटों पर प्रतिबंध ने जिले में वैवाहिक आयोजनों की तैयारी में जबरदस्त खलल डाला है। किसी को दहेज के लिए समुचित रकम न मिल पाने की चुनौती से जूझना पड़ रहा, तो कोई बावर्ची, टेंट व बिजली समेत बैंड बाजे वाले को एडवांस रकम देने के लिए परेशान है। जिनके घर शादी करीब में है, उनके समक्ष एडवांस के बाद पूर्ण भुगतान की चुनौती खड़ी है।
लोग एक दूसरे से मदद मांगने से लेकर ब्याज पर रकम प्राप्त करने के लिए भी मारे मारे फिर रहे हैं। सबसे ज्यादा मुश्किल ग्रामीण क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को हो रही है। उन्होंने जैसे तैसे बड़ी रकम जुटाई थी, लेकिन अब उसके बदले जाने में कठिनाई ने उनकी मुसीबतें और बढ़ गईं हैं।
हालांकि अभी तक जिले में कहीं भी नोटों पर बैन के चलते विवाह स्थगित करने का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन पहले से विवाह की तैयारियों में जुझ रहे लोग अब इस नई चुनौती से खासे परेशान हैं। विवाह से पहले बरीक्षा रस्म को संपन्न कराने में लगने वाली रकम का इंतजाम करना भी कठिन हो रहा है।
सरकार के इस फैसले का आमतौर पर स्वागत करने वाले लोग भी दबी जुबान से यह कह रहे हैं कि यह फैसला यदि सहालग के दौर के काफी पहले हो जाता, तो ज्यादा बेहतर होता। अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को ऐसे कई परिवारों से बातचीत की, जिनके घर पर आगामी दिनों में वैवाहिक आयोजन होने हैं और वे इस चुनौती से जूझ रहे हैं।
इसी प्रकार जिले में पुरानी बड़ी नोटों पर प्रतिबंध के बाद शुक्रवार को बैंक खुलने के दूसरे दिन लगभग 175 करोड़ रुपये जमा हुए। पहले दिन गुरुवार को 80 करोड़ रुपये जमा हुए थे। माना जा रहा है कि आने वाले दो दिनों में और भी ज्यादा रकम जिले में जमा होगी। इसे देखते हुए बैंक प्रबंधनों ने समुचित प्रबंध किए हैं।
पुरानी बड़ी नोटों पर प्रतिबंध के बाद बैंक खुलते ही उसे खाते में जमा कराने को लेकर आपाधापी का माहौल है। माना जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर रकम वह है, जो लोगों ने दबाकर रखी हुई थी। अब यह रकम बैंक शाखाओं में तेजी से जमा कराई जा रही है।
गुरुवार को पहले दिन लगभग 80 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक शाखाओं में जमा कराए गए थे। शुक्रवार को दूसरे दिन रकम जमा कराने को लेकर मारामारी का माहौल था। पूरे दिन जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं में भारी भीड़ रही। देर शाम तक लगभग पौने दो अरब रुपये जमा हो चुके थे।
एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि नई बड़ी नोट एटीएम में न पड़ने के चलते शुक्रवार को निकासी नहीं हो पाई। शनिवार को एटीएम से सुचारु निकासी होने की पूरी उम्मीद है। श्री सिंह ने कहा कि शुक्रवार को बैंक शाखाओं में लगभग 175 करोड़ रुपये जमा हुए।