सत्तारूढ़ दल के ही दो नेताओं ने ऊपर तक पहुंचाई शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। अलग-अलग कार्यक्रमों के नाम पर कर्मचारियों से चंदा वसूली का मामला तूल पकड़ गया है। सत्तारूढ़ दल के ही कुछ वरिष्ठ नेताओं ने प्रांतीय व केंद्रीय नेताओं के संज्ञान में पूरा प्रकरण पहुंचाया है। इसमें कहा गया कि इन स्थितियों के चलते न सिर्फ गलत संदेश जा रहा है वरन पार्टी के आगामी मुहिम पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।
दरअसल पिछले कुछ समय से अलग-अलग कभी जिलास्तरीय तो कभी तहसील व ब्लाॅकस्तरीय सरकारी आयोजनों के नाम पर ग्राम प्रधानों, व्यापारियों व ग्रामस्तरीय कर्मचारियों से चंदा वसूली का दौर चल रहा है। इसके अलावा एक राजनीतिक दल के कार्यक्रमों के नाम पर भी इन्हीं सबसे जबरन चंदा वसूली सरकारी विभागों को आगे कर किए जाने का आरोप लगा है। इन्हीं सबके बीच दो अधिकारियों को नोटिस भी राजनीतिक दल के कार्यक्रम में मंच पर रहने के चलते मिल चुकी है।
जिले में तूल पकड़ चुका चंदा वसूली तथा राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रमों में दबाव डालकर कर्मचारियों को बुलाने का मामला अब बड़े स्तर तक पहुंच गया है। सत्तारूढ़ दल के दो वरिष्ठ नेताओं ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत प्रांतीय नेताओं से की है। एक केंद्रीय नेता से भी शिकायत में कहा गया कि वसूली की मार जिन कर्मचारियों पर पड़ रही है उनके परिजन लोकसभा व विधानसभा क्षेत्र के मतदाता होते हैं।
प्रत्येक आयोजन को भव्य बनाने की अनायास कोशिश से कर्मचारियों के बढ़ते चंदे के भार की जानकारी देते हुए नेताओं ने ऊपर बताया है कि अब इसका गलत असर जा रहा है। शिकायत में पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।