अंबेडकरनगर। शहर के बीएन इंटर कॉलेज में पिछले साल जुलाई माह में 10.20 लाख रुपये का गबन पकड़े जाने पर प्रबंधक ने तत्कालीन तदर्थ प्रधानाध्यापक विपिन कुमार सिंह पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में विवेचक ने आरोपी को क्लीनचिट देते हुए अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। कोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट निरस्त कर आरोपी को तलब किया है, साथ ही विवेचक के विरुद्ध जांच के आदेश दिए हैं।
कॉलेज प्रबंध समिति के प्रबंधक कृष्ण कुमार टंडन ने 23 जुलाई, 2024 को शहर कोतवाली पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया था कि तदर्थ प्रधानाचार्य के पद पर रहे शहजादपुर निवासी विपिन कुमार सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान गंभीर वित्तीय अनियमितताएं की थीं। समिति ने सीए के माध्यम से जांच कराई थी, जिसमें विपिन कुमार सिंह द्वारा आईडी कार्ड खाता से सात लाख 34 हजार 158 रुपये का गबन किया जाना पाया था। इसमें से एक लाख 11 हजार 157 रुपये स्वयं के बचत खाता में हस्तांतरित किया था, जबकि छह लाख 23 हजार रुपये विद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुरेंद्र कुमार के नाम से जारी बियरर चेक के माध्यम से गबन कर लिया था।
इसके अतिरिक्त साइंस खाता से 47200 रुपया, मैगजीन खाता से 94000 हजार रुपये, परीक्षा एवं प्रगति खाता से 3768 रुपये, लाइब्रेरी खाता से 32722 रुपये, गेम्स खाता से 1.08 लाख रुपये का गबन किया था। इस प्रकार कुल 10.20 लाख रुपये का गबन सामने आया था।
मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था। इस पूरे प्रकरण की जांच एएसपी पश्चिमी ने सीओ सिटी को अपनी निगरानी में कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि विवेचक ने इस प्रकरण में विभागीय अधिकारियों की ओर से गबन की जांच न होने और सीए की जांच रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा यादव की कोर्ट ने बीते नौ जून को अंतिम रिपोर्ट की सुनवाई की। इस दौरान पाया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच में सहयोग न करने की स्थिति के बावजूद अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई है। इसपर न्यायाधीश ने अंतिम रिपोर्ट निरस्त कर दी। साथ ही वादी की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए मामले को स्टेट केस में दर्ज करने योग्य पाया। आरोपी विपिन कुमार सिंह को 10 जुलाई को तलब किया है। वहीं, विवेचक के विरुद्ध जांच के लिए आदेश की प्रति एसपी को भेजी है।