आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र, छात्रवृत्ति योजना के साथ साथ अन्य योजनाओं के लाभ के लिए आवेदकों को संबंधित विभागों का बार-बार चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए शासन ने विभिन्न क्षेत्रों में जनसेवा व लोकवाणी केंद्रों की स्थापना किए जाने का निर्णय लिया।
इसके तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 297 जनसेवा केंद्र व 111 लोकवाणी केंद्र स्थापित किए गए हैं। मौजूदा समय में 8 विभाग को ई डिस्ट्रिक योजना के तहत इन सेवाओं से जोड़ा गया है।
इनमें राजस्व विभाग, शहरी विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, प्रशिक्षण एवं रोजगार विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, समाज कल्याण विभाग, महिला कल्याण एवं बाल विकास कल्याण विभाग व विकलांग कल्याण विभाग शामिल हैं।
बीते दिनों शासन ने लोकवाणी केंद्र को जनसेवा केंद्र में बदले जाने का निर्णय लिया। साथ ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हो रहे लोकवाणी केंद्रों के नवीनीकरण के समय उन्हें जनसेवा केंद्र में बदलने का भी निर्णय लिया।
इसके अलावा आमजन को अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए 14 नए विभागों की 90 योजनाओं को भी जनसेवा केंद्र से जोड़े जाने का निर्णय शासन ने लिया है। इस बीच दो ग्रामसभा के बीच एक जनसेवा केंद्र की स्थापना किए जाने का सर्वे विगत 1 जनवरी से शुरू कर दिया गया है।
इन सभी कवायद के बावजूद लोगों को योजनाओं का निर्धारित समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। न तो समय पर आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र मिल पा रहा है और न ही छात्रवृत्ति सहित अन्य योजनाओं का लाभ। नतीजा यह है कि आवेदक संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।