अंबेडकरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर नामांकन करते ही सपा प्रत्याशी अजीत यादव के विरुद्ध मुकदमों का जिन्न बाहर आ गया। हालांकि अजीत के अनुसार सभी मुकदमे राजनीतिक द्वेष में दर्ज कराए गए थे। किसी मामले में दोष सिद्ध नहीं हुआ है। सक्रिय और जुझारू राजनीति करने पर ऐसे मुकदमे लगते रहते हैं।
नामांकन के बाद शनिवार को यह तथ्य प्रकाश में आया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अजीत यादव पर कुल 5 केस दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीटर 22ए के तौर पर दर्ज अजीत पर लखनऊ के हुसैनगंज थाने में 3 मुकदमे दर्ज हुए थे। इसमें जानलेवा हमले, रासुका और गैंगेस्टर एक्ट भी शामिल है। जिले के आलापुर और जहांगीरगंज में एक-एक मुकदमा दर्ज है, जिसमें गुंडा एक्ट शामिल है।
उधर इन मुकदमों को लेकर कहा कि मैं छात्र राजनीति से लेकर युवा राजनीति के संघर्ष से निकला हूं। मैंने पिछलग्गू बनकर राजनीति करने की बजाय राजनीति में न्याय के लिए संघर्ष को प्राथमिकता दी है। ऐसे में यह मुकदमे कभी सत्ता के दबाव और प्रशासन की ज्यादती के कारण दर्ज हुए। सेवा और संघर्ष की राजनीति में मुकदमे दर्ज होते ही हैं। मेरे ऊपर उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, चरित्र, या भूमि कब्जे आदि के आरोप नहीं लगे। जनहितों की आवाज उठाने और प्रदर्शन को लेकर केस और भी दर्ज हों तो पीछे नहीं हटूंगा। मेरे विरुद्ध दर्ज इन मुकदमों में से किसी एक में दोष सिद्ध नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 3 मुकदमे संभवत: वापस हो चुके हैं।