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परिणाम सामने आते ही चमके मेधावियों के चेहरे

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अंबेडकरनगर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम शनिवार को सामने आया, तो सफलता हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से चमक उठे। अभिभावकों व संबंधित विद्यालय के शिक्षकों ने सफलता हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि जीवन पथ पर आगे भी सफलताएं अर्जित करते चलना है। उधर, नतीजा आने के साथ ही घरों व विद्यालयों में मेधावियों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया गया।
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बीते कई दिनों से चल रही अटकलों के बीच शनिवार को आखिरकार माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। परिणाम सामने आते ही छात्र-छात्राओं की खुशी का ठिकाना न रहा। अभिभावकों ने अपने बच्चों को गले लगाकर बधाई दी, तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य व शिक्षकों ने भी सफलता हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जो छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंचे, उन्हें विद्यालय प्रशासन ने मुंह मीठा कराया।
परिणाम जानने को लेकर उत्सुकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि समय से पहले ही छात्र-छात्राएं व अभिभावक अलग-अलग वेबसाइट पर सर्च करना शुरू कर चुके थे। परिवार के अलग-अलग सदस्य जल्द से जल्द परिणाम जानने के लिए मोबाइल लेकर जुटे दिखे। उम्मीदों के अनुरूप परिणाम आने पर जमकर खुशी का इजहार भी हुआ। कई ऐसे छात्र-छात्राएं थे, जो परिणाम से संतुष्ट नहीं थे। उन्हें अभिभावक हौसला बढ़ाते हुए दिखाई पड़ेे।
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आईएएस अफसर बनना चाहते हैं इंटरमीडिएट टॉपर अभिनव
ंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में प्रदेश की टॉप टेन सूची में नौवां स्थान, जबकि जिले की टॉप टेन सूची में पहला स्थान प्राप्त कर जनपद का गौरव बढ़ाने वाले करतोरा गांव निवासी अभिनव द्विवेदी आईएएस अफसर बनना चाहते हैं। साधारण परिवार से संबंध रखने वाले अभिनव का कहना है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो किसी भी सफलता को आसानी से हासिल किया जा सकता है। कामयाबी का श्रेय परिवारीजनों व गुरुजनों को देते हुए कहा कि उनके कुशल दिशा-निर्देशन का ही नतीजा रहा कि उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की है। मदरसा शिक्षक रह चुके पिता आशुतोष कुमार द्विवेदी व गृहणी माता मुंद्रिका द्विवेदी ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि उन्होंने सपना देखा था कि उनका पुत्र परिवार व क्षेत्र का नाम रोशन करे, वह आज पूरा हो गया। एमएससी कर रही बड़ी बहन अनामिका द्विवेदी व हाईस्कूल में पढ़ रही बहन श्रुति द्विवेदी ने भाई की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अभिनव की सफलता ने हम लोगों को भी प्रेरित किया है।
हाईस्कूल टॉपर राजकमल की इंजीनियर बनने की तमन्ना
ाईस्कूल में जनपद टॉपर कटोखर निवासी राजकमल ने सफलता का श्रेय माता, पिता व बाबा के साथ ही गुरुजनों को देते हुए कहा कि आज जो कामयाबी उन्हें मिली है, वह उनके बेहतर मार्गदर्शन का हीर नतीजा है। आईआईटी जेईई डिग्री हासिल कर इंजीनियर बनने का सपना देखने वाले राजकमल ने कहा कि शुरुआती दौर से ही तैयारी करने पर सफलता आसानी से हासिल होती है। मैंने यही किया। शुरू से ही मैं समय सारिणी बनाकर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। सेवानिवृत्त शिक्षक बाबा जगदीश ने कहा कि उन्हें अपने पौत्र पर बहुत गर्व है। पूरी उम्मीद है कि आगे चलकर वह परिवार व क्षेत्र का नाम रोशन करेगा। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद से घर पर रहकर सिर्फ परिवार की देखभाल करने वाले पिता सुरेश कुमार व गृहणी माता सरिता ने कहा कि जब हमें पता चला कि पुत्र ने जिला टॉप किया है, तो जो खुशी हुई, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं जा सकता है।
आईएएस अफसर बन समाज सेवा करना चाहती आंचल
इंटरमीडिएट में प्रदेश में 10वां व जिले की टॉपर सूची में दूसरा स्थान हासिल करने वाली आंचल यादव आईएएस अफसर बनकर समाज की सेवा करना चाहती हैं। संघतिया नाका निवासी आंचल हाईस्कूल परीक्षा में जिले की टॉप टेन सूची में पहले नंबर पर थीं। आंचल ने कहा कि उसकी सफलता का श्रेय परिवारीजनों व गुरुजनों को जाता है। टैक्सी चालक पिता नृपेंद्र यादव व गृहणी माता प्रमिला यादव ने कहा कि आंचल ने सफलता की ऊंचाई पर पहुंचकर उन्हें गौरवान्वित किया है। पूरी उम्मीद है कि जो लक्ष्य उसने बनाया है, उसे जरूर पूरा करेगी। बीएड कर रही बड़ी बहन काजल यादव व हाईस्कूल में पढ़ रहे छोटे भाई आलोक यादव ने कहा कि उनकी बहन ने हम सभी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
इंजीनियर बनना हिमानी का लक्ष्य
आलापुर तहसील क्षेत्र के सहिजना हमजापुर निवासी हिमानी मिश्रा ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। 89.80 प्रतिशत अंक पाने वाली हिमानी का लक्ष्य इंजीनियर बनना है। अमर उजाला से हुई बातचीत में बताया कि वे अपने लक्ष्य को लेकर कठिन परिश्रम कर रही हैं। हिमानी के बाबा रघुवंशमणि मिश्र बीडीओ के पद से सेवानिवृत्त हैं। पिता पदमाकर मिश्र एलआईसी के अभिकर्ता हैं। माता गृहणी हैं। एक भाई व तीन बहनों में हिमानी सबसे छोटी है। उनकी दोनों बड़ी बहनें बीएड कर रही हैं। भाई बीएससी कर रहा है। हिमानी ने अपनी सफलता का श्रेेय अपने गुरुजनों व परिवारीजनों को दिया है।
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