अंबेडकरनगर। जनपद न्यायालय परिसर में बार एसोसिएशन से निष्कासित सदस्य अर्चना वर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर रस्सी बांधकर मुख्य गेट से अधिवक्ताओं व वादकारियों का प्रवेश रोक दिया। इस दौरान एक अधिवक्ता का मोबाइल छीनकर उसका रिकॉर्ड डिलीट किया गया, जिससे वह मुकदमे की पैरवी भी नहीं कर पाए। मामले की शिकायत मिलते ही बार एसोसिएशन ने तीन अधिवक्ताओं को निलंबित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही जवाब न मिलने पर निष्कासित करने की चेतावनी दी है।
अधिवक्ता शशिकांत गोस्वामी ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि शनिवार की सुबह वह अपने एक मुकदमे की पैरवी के लिए न्यायालय के अंदर जजा रहे थे। इसी दौरान प्रवेश द्वार पर अधिवक्ता अर्चना वर्मा कुछ साथी अधिवक्ताओं के साथ गेट जाम किए हुए थीं। उनका साथ दे रहे अधिवक्ता सुधांशु पांडेय ने शशिकांत को रोकने का प्रयास किया। शशिकांत ने वीडियो बनाने का प्रयास किया तो मोबाइल छीन लिया। साथ ही धमकी दी कि न्यायालय में काम नहीं कर देंगे। आरोप है कि इस दौरान मोबाइल से वाद की डिटेल और वीडियो भी डिलीट कर दिए। इसके चलते वह अपने मुकदमे की पैरवी नहीं कर पाए। अधिवक्ता विवेक सिंह, अंबरीश पांडेय, ओमप्रकाश यादव, चंद्रभाल पांडेय समेत अन्य तमाम ने भी शिकायत का समर्थन किया।
इस शिकायत को अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव व सचिव अरविंद त्रिपाठी ने गंभीरता से लिया। इसके बाद अधिवक्ता सुधांशु पांडेय, संगीता और कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया। साथ ही नोटिस देकर सुधांशु पांडेय से दो और संगीता व कल्पना वर्मा से पांच दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण न देने की स्थिति में तीनों को निष्कासित कर दिया जाएगा।
अर्चना वर्मा को किया जा चुका है निष्कासित
बार एसोसिएशन अंबेडकरनगर की ओर से बीते 26 मई को अधिवक्ता अर्चना वर्मा को निष्कासित किया जा चुका है। इन पर आरोप है कि बिना किसी प्रस्ताव और सहमति के न्यायालय के मेनगेट को जाम कर दिया गया था। इनका लेनदेन का विवाद अधिवक्ता शैलेंद्र वर्मा से हुआ था। इसके कारण न्यायिक कार्य भी बाधित हुआ था। इस मामले में सहयोगी अधिवक्ताओं के खिलाफ भी जांच की बात कही गई थी।
एक सप्ताह में कई अधिवक्ताओं पर गिरी गाज
पिछले एक सप्ताह में बार एसोसिएशन अंबेडकरनगर की ओर से एक अधिवक्ता को निष्कासित किया गया जबकि चार का निलंबन किया जा चुकाहै। सबसे पहली कार्रवाई 25 मई को हुई थी जिसमें सहसचिव मोनी के साथ अभद्रता करने, कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य चंद्र प्रकाश सिंह, कल्याण सचिव समिति के पूर्व सचिव संगम लाल तिवारी से फोन पर अभद्रता का मामला सामने आया था। इस प्रकरण में चंद्रभाल पांडेय को निलंबित किया गया था।
एसपी के दरबार भी पहुंचा सहसचिव का मामला
बार एसोसिएशन की सहसचिव मोनी श्री ने शुक्रवार को एसपी प्राची सिंह से मुलाकात कर एक प्रार्थनापत्र देकर अधिवक्ता चंद्रभाल पांडेय पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें अभद्रता से लेकर फोन पर गाली-गलौज, जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल समेत कई अन्य आरोप शामिल हैं। पूर्व में इसकी शिकायत अकबरपुर पुलिस से शिकायत भी की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। एसपी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कुछ अधिवक्ता बिना किसी प्रस्ताव और मनमाने ढंग से गेट अवरुद्ध कर न्यायिक कार्य प्रभावित कर रहे थे। साथी अधिवक्ताओं के साथ अभद्रता भी की। इस पर निलंबित करते हुए जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी।
- सुनील कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष बार एसोसिएशन