अंबेडकरनगर। महरुआ के अतरौला निवासी अजय कुमार की जेल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में सीजेएम कोर्ट के केस दर्ज करने के आदेश के खिलाफ दायर की गई पुर्नविचार याचिका सोमवार को जिला जज रीता कौशिक ने खारिज कर दी है। अब पुलिस विभाग के अधिकारी इस मामले में उच्च न्यायालय का रुख करने की तैयारी में जुट गए हैं।
दरअसल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सुधा यादव ने एसडीएम भीटी, महरुआ थानाध्यक्ष, जेल अधीक्षक और विपक्षी अनिल कुमार के विरुद्ध 10 सितंबर को हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। इस मामले में कोर्ट के आदेश बाद भी केस दर्ज न होने पर शिवकुमारी की ओर से उनके अधिवक्ता ने निगरानी प्रार्थना पत्र दाखिल किया, जिस पर सुनवाई करते हुए आख्या मांगी गई थी। 24 सितंबर को थानाध्यक्ष महरुआ ने कोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए सीओ भीटी की ओर से पत्रावली रिवीजन के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय में लंबित होने की जानकारी दी गई थी। प्रकरण में जिला जज रीता कौशिक ने सुनवाई पूरी की।
उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि शिव कुमारी के प्रार्थना पत्र पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के आदेश सीजेएम कोर्ट ने दिए थे। आदेश के विरुद्ध। प्रस्तुत दांडिक पुनरीक्षण याचिका पोषणीय नहीं है और अंगीकरण के स्तर पर सरसरी तौर पर निरस्त किए जाने योग्य है।