आस्ताना सुल्तान सैयद मखदूम अशरफ जहाँगीर समनानी।संवाद
अंबेडकरनगर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत सैयद मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी में चेहल्लुम के अवसर पर सोमवार और मंगलवार को पारंपरिक रस्में अकीदत के साथ अदा की जाएंगी। दो दिवसीय आयोजन को लेकर दरगाह परिसर, निर्धारित मार्गों और कर्बला मैदान में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सोमवार देर शाम करीब नौ बजे ताजिया जुलूस आस्तान-ए-मखदूम अशरफ से रवाना होगा। पारंपरिक मार्ग से होते हुए मलंग गेट और सलामी गेट के रास्ते दरगाह के मुख्य चौराहे स्थित चौक पहुंचेगा। यहां कुछ देर के लिए ताजिया रखा जाएगा, जहां दूर-दराज से आए जायरीन जियारत करेंगे। परंपरा के अनुसार अकीदतमंद फूल, इत्र और तबर्रुक पेश कर फातिहा पढ़ेंगे। इसके बाद ताजिया को उसके निर्धारित स्थान पर रखा जाएगा। मंगलवार सुबह चालीसवें मुहर्रम की मुख्य रस्में शुरू होंगी।
करीब नौ बजे ताजिया फिर आस्तान-ए-मखदूम अशरफ से उठेगी और सलामी गेट होते हुए कर्बला मैदान स्थित इमाम चौक पहुंचेगा। यहां दिनभर जियारत का सिलसिला जारी रहेगा। जायरीन फूल और तबर्रुक पेश कर दुआ करेंगे। शाम को खानवाद-ए-अशरफिया के नेतृत्व में बसखारी से अलम का जुलूस कर्बला मैदान पहुंचेगा। इसके बाद सज्जादानशीन सैयद मोहिउद्दीन अशरफ और सैय्यदा शकीला चैरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष सैयद नुरुद्दीन अशरफ ताजिया पर फूल पेश करेंगे। पारंपरिक रस्मों के समापन के बाद ताजिया को नीर तट पर सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। ताजियादार गफूर शाह ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।