अंबेडकरनगर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की शुरुआत हो चुकी है। जनवरी में किसी भी दिन आवास और शहरी कार्य मंत्रालय से टीम यहां पहुंच सकती है। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम शहर की साफ-सफाई के साथ 300 से अधिक निजी और सरकारी स्कूलों की सफाई और कूड़ा प्रबंधन भी देखेगी। 12 बिंदुओं पर सफाई का सर्वेक्षण होगा। स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस प्रतिस्पर्धा में स्कूलों को शामिल किया गया है।
नगर पालिका परिषद अकबरपुर टांडा, जलालपुर तथा नगर पंचायत किछौछा, इल्तिफातगंज, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज में करीब पांच लाख की आबादी है। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में नई श्रेणी बनाई गई है। इसमें कुल 12 बिंदुओं पर 970 अंकों का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसमें स्कूलों में सफाई और कूड़ा प्रबंधन परखा जाना है। कूड़ा प्रबंधन के लिए उनके द्वारा अपने परिसरों में किए जा रहे प्रयासों को देखा जाएगा।
स्कूलों में शौचालय क्रियाशील हैं या नहीं। छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालयों की सुविधा है या नहीं। उनकी सफाई की व्यवस्था कैसी है। स्कूलों परिसर के अंदर गीला, सूखा और लिक्विड वेस्ट का उत्सर्जन और उसके निस्तारण की क्या व्यवस्था है। इन सबके अलावा साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट आदि की जानकारी टीम लेगी।
12 बिंदुओं पर होना है सफाई का सर्वेक्षण
स्कूलों की सफाई व कूड़ा प्रबंधन,आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों की सफाई,बड़े डस्टबिन मुक्त और शहर में जलने की स्थिति,सड़क-नाला पटरी किनारे कूड़े के ढेर की स्थिति,व्यावसायिक-आवासीय क्षेत्रों में रेड स्पाॅट, व्यावसायिक-आवासीय क्षेत्रों में येलो स्पाॅट (खुले में यूरिनल), सीवर और नाला की शत-प्रतिशत सफाई, शहर के अंदर तालाबों की सफाई, शहर में ग्रीन बेल्ट व सुंदरीकरण, स्लम एरिया की सफाई, टूरिस्ट प्लेस व पार्क की सफाई को शामिल किया गया है।
जनवरी में आएगी टीम
जनवरी में भारत सरकार की स्वच्छ सर्वेक्षण टीम शहरी इलाकों में सफाई की जांच करेगी। निजी व सरकारी स्कूल में सफाई के प्रबंधन की हकीकत परखेगी। -हृदयानंद यादव, जिला परियोजना प्रबंधक, स्वच्छ भारत मिशन
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद