अंबेडकरनगर। जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव के बाद मिलने वाली सहायता राशि का भुगतान पिछले दो माह से ठप पड़ा है। अप्रैल से सितंबर के बीच जिले में हुए 10 हजार प्रसवों में से मात्र 25 प्रतिशत महिलाओं को ही भुगतान हो पाया है।
अगस्त से बजट नहीं आने और पोर्टल पर फीडिंग में तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह संकट गहराया है। ग्रामीण क्षेत्रों की प्रसूताओं को योजना के तहत 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपये की धनराशि सीधे उनके खाते में भेजी जानी होती है। नियम के अनुसार यह भुगतान प्रसव के 24 से 48 घंटे के भीतर होना चाहिए, ताकि प्रसूता के पोषण और आवश्यकताओं में कोई बाधा न आए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के एमसीएच विंग, सीएचसी और पीएचसी केंद्रों पर कुल करीब 10 हजार संस्थागत प्रसव हुए हैं, मगर इनमें से केवल एक चौथाई महिलाओं को ही योजना का लाभ मिल सका है। बाकी को अब तक भुगतान का इंतजार है।
दो माह से भुगतान में दिक्कत
पोर्टल की फीडिंग में तकनीकी समस्या आने के कारण दो माह से भुगतान में दिक्कत हो रही है। एक-दो दिनों में समस्या दूर होने की उम्मीद है, जिसके बाद भुगतान शुरू हो जाएगा।
डॉ. संजय कुमार शैवाल, सीएमओ