हजपुरा (अंबेडकरनगर)। सेना में हवलदार के पद पर तैनात मस्तराम और उनके पिता को जमीन दिलाने के नाम पर 6.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। आरोपियों ने इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए फर्जी जमीन मालिक और तहसीलदार तक खड़ा कर दिया। एसपी अभिजीत आर शंकर के आदेश पर सम्मनपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नैली गांव निवासी राजाराम ने बताया कि उनके बेटे मस्तराम को गांव में जमीन खरीदनी थी। सितंबर 2024 में कजपुरा निवासी वीरेंद्र कुमार से संपर्क हुआ। वीरेंद्र ने ताजूपुर मार्ग पर पांच बिस्वा जमीन दिखाई और कजपुरा निवासी किशन को जमीन मालिक संतोष बनाकर पेश किया। सौदा तय कर एक एग्रीमेंट भी करा दिया गया। इसके बाद अलमा निवासी आरपी सिंह को तहसीलदार जलालपुर बनाकर पेश किया गया और जमीन की वरासत व बैनामा कराने के नाम पर किश्तों में 6.50 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। बाद में न जमीन मिली, न पैसा लौटा। विरोध करने पर धमकी दी गई। थाने में सूचना देने पर पुलिस ने पहले समझौते का प्रयास किया, लेकिन जब कोई हल नहीं निकला तो अब मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फौजी ने फंड से निकाले थे रुपये
मस्तराम वर्तमान में लद्दाख में हवलदार के पद पर तैनात हैं। उन्होंने गांव में परिवार की स्थिति सुधारने के लिए अपने फंड से पैसे निकालकर जमीन खरीदने की योजना बनाई थी।