अंबेडकरनगर। राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए खुशखबरी है। विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए शासन ने अलंकार योजना के जरिए दिए जाने वाले अनुदान में शासन स्तर से बदलाव किया है। पहले एडेड विद्यालय के कायाकल्प में कुल लागत का आधा हिस्सा विद्यालय प्रबंध समिति को देना था, अब सिर्फ 25 प्रतिशत धनराशि ही देनी होगी। शासन से लागत का 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। जिले के एडेड स्कूलों के कायाकल्प के लिए शासन की ओर से एक करोड़ 36 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं।
एडेड, संस्कृत विद्यालयों को शासन से 95 प्रतिशत अनुदान देने का प्रविधान है। संपूर्ण लागत का सिर्फ पांच प्रतिशत ही संस्कृत विद्यालयों के प्रबंध समिति को खर्च करना है। सभी विद्यालयों का 32 बिंदुओं पर कायाकल्प करने की योजना है। वहीं, राजकीय विद्यालयों के कायाकल्प में संपूर्ण धनराशि शासन से खर्च होगी।
जिले में 32 राजकीय और 285 वित्तविहीन और 6 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। प्रथम चरण में बीएन इंटर कॉलेज को 34 लाख 5872 रुपये, महात्मा गोविंद साहब इंटर कॉलेज फतेहपुर बड़ा गांव को 30 लाख, जनता इंटर कॉलेज सुरहुरपुर को 20 लाख, ग्राम स्वावलंबी इंटर कॉलेज रामबाबा को 17 लाख 85 हजार तथा रामबाबा विद्या मंदिर इंटर कॉलेज रामबाबा को 12 लाख 46,980 रुपये समेत कुल एक करोड़ 36 लाख 87,852 रुपये इन एडेड विद्यालयों के कायाकल्प के लिए शासन ने जारी किए हैं।
इस धन से विद्यालय की दशा को और बेहतर किया जा सकेगा। दूसरे चरण में जिला विद्यालय निरीक्षक ने राजकीय विद्यालयों के साथ ही एडेड विद्यालयों के लिए कार्यों की डिमांड भेजी है। शासन से स्वीकृति के बाद इन विद्यालयों का भी कायाकल्प कराया जा सकेगा।
कायाकल्प के लिए धनराशि जारी
प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत माध्यमिक व संस्कृत विद्यालयों से कायाकल्प कराया जाता है। इसके तहत अब शासन ने मिलने वाले अनुदान में बदलाव किया है, जिसके तहत अनुदान की राशि 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत कर दी गई है। एडेड संस्कृत विद्यालयों को शासन से 95 प्रतिशत अनुदान देने के प्राविधान है। शासन की ओर से एडेड विद्यालयों के कायाकल्प के लिए धनराशि जारी की गई है।
गिरीश सिंह, डीआईओएस