सार्वजनिक स्थानों पर अवैध तरीके से बने धार्मिक स्थलों को हटाने को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश का पालन जिले में नहीं हो सका है। ऐसे निर्माण को हटाने की बात दूर, प्रशासन द्वारा ऐसे स्थलों का चिह्नांकन तक नहीं किया जा सका है।
ग्रामीण क्षेत्रों की बात दूर, जिला मुख्यालय पर ही आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर अवैध रूप से धार्मिक स्थल का निर्माण करा दिया गया है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे स्थलों के चलते कई बार संबंधित क्षेत्रों में जाम की भी समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके बावजूद इसे हटाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
गौरतलब है कि बीते दिनों हाईकोर्ट ने 1 जनवरी 2011 के बाद से सार्वजनिक स्थानों पर अवैध तरीके से निर्मित किए गए धार्मिक स्थलों को हटाने का निर्देश दिया था। इसके मद्देनजर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश ने बीते दिनों सभी जिलों के अधिकारियों को अवैध निर्माण हटाने व उसकी जानकारी शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
न्यायालय व प्रमुख सचिव के तमाम दिशा-निर्देशों के बाद भी जिले में अब तक अभियान नहीं चल सका है। अवैध निर्माण हटाए जाने की बात दूर, ऐसे धार्मिक स्थलों का चिह्नांकन कर सूची तक नहीं तैयार की जा सकी है। प्रशासन के इस लापरवाहीपूर्ण रवैये का ही नतीजा है कि ऐसे स्थलों का निर्माण लगातार जारी है।
सूत्रों के अनुसार जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के धार्मिक स्थलों की संख्या लगभग डेढ़ दर्जन है। सिर्फ जिला मुख्यालय पर ही आधा दर्जन धार्मिक स्थल अवैध रूप से निर्मित कर दिए गए हैं। जिला मुख्यालय पर फैजाबाद रोड, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, बस स्टेशन क्षेत्र, शहजादपुर, मालीपुर रोड व पहितीपुर रोड पर अवैध तरीके से धार्मिक स्थल का निर्माण कर दिया गया है।
ऐसे स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते भी हैं। कभी-कभी तो भीड़ के चलते रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन क्षेत्रों में जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके बावजूद इस तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
कुछ लोग दबी जुबान में ऐसे धार्मिक स्थलों को हटाए जाने की मांग करते भी हैं लेकिन संवेदनशील मामला होने के चलते आवाज बुलंद करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। एएसपी राहुलराज ने बताया कि अवैध ढंग से निर्मित किए गए धार्मिक स्थलों का चिह्नांकन कर उसकी सूची तैयार कराई जा रही है। संवेदनशील मामला होने के चलते इस पर गंभीरतापूर्वक कदम उठाया जा रहा है। न्यायालय के निर्देश का पालन कराया जाएगा।