अंबेडकरनगर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद से हर तरफ मातम पसर गया। कार चला रहे गोरखपुर के बेलघाट थाने के रामपुर गोशाईं निवासी विनय यादव बड़े भाई विजय यादव, बेटे शिव व मौसेरी सास लक्ष्मी की मौत का गम बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। अस्पताल में उनका हाल जानने पहुंचीं एडीएम ज्योत्सना बंधु व एएसपी हरेंद्र कुमार से चीख चीख कर ट्रक चालक पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते रहे।
आरोप लगाया कि यदि ट्रक चालक ने डाले से बाहर तक सरिया लाद रखी थी। यही सरिया उनके परिवार के लिए काल बन गई। उधर, विनय की पत्नी भावना अपने आठ वर्षीय बेटे वीर की मौत की खबर सुनते ही बेसुध हो गईं। एक दिन पहले घर से निकले बेटे ने जल्द वापस आने का मां से वादा किया था, लेकिन उनको इस बात का जरा सा भी आभास नहीं था कि यह विदाई बेटे की अंतिम यात्रा बन जाएगी।
मृतक विजय यादव के बेटे अमित ने बताया कि उनके पिता दिल्ली में पीडब्ल्यूडी में ऑपरेटर थे। वह भी वहीं निजी इलेक्ट्रिशियन के तौर पर काम करते हैं। उधर, मृतक लक्ष्मी के परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
नानी हुई बेसुध, भाई का रो-रोकर बुरा हाल
कार की पिछली सीट पर बैठी घायल दुर्गा देवी को जब नाती वीर की मौत की खबर लगी, तो वह अचेत हो गईं। छोटे भाई वीर की मौत पर बड़ा भाई अंश का निजी अस्पताल में रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे में इनकी हुई मौत
कार के अगली सीट पर बैठे विजय यादव और उनके भतीजे वीर और पिछली सीट पर बैठी विजय के छोटे भाई विनय की पत्नी भावना का मौसी लक्ष्मी की मौत हो गई। सीट के पिछले हिस्से में बैठी विनय की सास दुर्गा देवी (65) उनका नाती अंश, उनकी छोटी बहन लक्ष्मी की बेटी गुनगुन (14) व कनिष्का (5),अंश (13) गंभीर रूप से घायल हैं।
नियमों की अनदेखी पड़ रही भारी
ट्रक या किसी अन्य लोडर वाहन की बॉडी से बाहर निकले हुए सरिया, राड्स, पाइप्स व अन्य नुकीले सामान ले जाने पर जुर्माना का प्रावधान है। इसके बावजूद हाईवे और शहर की सड़कों पर आएदिन वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते दिखते हैं। कार्गो, ट्रक, टेंपो व अन्य लोडर वाहनों में खुलेआम लोहे की सरिया, पाइप्स, राड्स, चादर व अन्य नुकीले और खतरनाक सामान को वाहन की बॉडी से बाहर लटकाकर ले जाते हैं। इसी कारण हादसे हो रहे हैं।