विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। नगर पालिका परिषद टांडा पिछले काफी समय से चर्चा में है। अध्यक्ष व सभासदों का विवाद हो या दुकानों की नीलामी। यहां की कार्यशैली पर आए दिन सवाल उठते रहते हैं। ताजा विवाद नौ करोड़ रुपये के 95 कार्यों के टेंडर का है। चेयरमैन ने तकनीकी बिड होने के बाद टेंडर निरस्त कर दिए हैं। पूरा मामला डीएम के दरबार में पहुंचा, जिसके बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व को पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, बीते नौ अप्रैल को नगर पालिका परिषद टांडा में 95 स्थानों पर निर्माण कार्य के लिए लगभग नौ करोड़ की ई निविदा प्रकाशित की गई थी। यह टेंडर तीन जून को खुलना था। तय समय पर तकनीकी बिड खुल गई थी, लेकिन अब तक फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। इसी बीच कुछ ठेकेदारों ने शिकायत की कि कई फर्माें का निविदा शुल्क एक ही एकाउंट से जमा किया गया है।
ठेकेदारों ने निविदा में मिलीभगत का आरोप लगाना शुरू कर दिया था। मामले को संज्ञान में लेते हुए नगर पालिका चेयरमैन शबाना नाज ने 95 निर्माण कार्यों के लिए आमंत्रित निविदा को मंगलवार शाम निरस्त कर दिया। साथ ही शासन की मंशानुसार पारदर्शी ढंग से एक सप्ताह में इन कार्यों की नए सिरे से ई निविदा आमंत्रित किए जाने के निर्देश दिए हैं। सबसे बड़ा पेंच यहीं फंसा है कि जब टेक्निकल बिड में कोई कमी नहीं मिली तो अचानक कमी कहां से सामने आ गई जो आगे की प्रक्रिया निरस्त करनी पड़ी।
बहरहाल पूरे प्रकरण को लेकर बुधवार को कुछ ठेकेदार जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मिले और मामले की शिकायत की। डीएम ने एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता को जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम ने बताया कि पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।